झारखंड में आफत की बारिश

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रांची। झारखंड में बीते शनिवार से जारी आफत की बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की जान चली गई है। वज्रपात, करंट, पानी की तेज धार में बहने, मकान गिरने, पुल-पुलिया बहने की दो दर्जन से भी ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। पूरे राज्य में नदियां, डैम, जलप्रपात उफान पर हैं।

इधर मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए औरेंज अलर्ट जारी करते हुए आगामी 8 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। मंगलवार को भी दिनभर झमाझम बारिश होती रही। इससे राजधानी रांची समेत झारखंड के कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं।

सड़कें जलमग्न

शहरों के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है। जमशेदपुर के सोनारी इलाके में खरकाई नदी का पानी घुस गया है। यहां आदर्श नगर और कई अन्य मुहल्ले तालाब बन गये हैं। लोगों का घरों से बाहर निकलना बंद हो गया है। रांची में लोहरकोचा, थड़पखना, पंचशील नगर और कुम्हरटोली आदि पानी में डूबे हैं। लोगों के घरों में पानी घुस गया है। सड़कं तालाब बनी हुई हैं।

11 मौतें हो चुकी राज्यभर में

अब बात करते हैं राज्य में बारिश की वजह से घटी बड़ी घटनाओं के बारे में। बीते सोमवार अपराह्न लगभग साढ़े तीन बजे रांची के हुंडरू फॉल में तेज धार के बीच नहाने उतरा एक युवक बह गया। युवक का नाम शुभम कुमार है, जो बिहार के राजगीर का रहने वाला था। वह अपने पांच अन्य दोस्तों के साथ यहां घूमने आया था। इसी दौरान वह लोगों के मना करने के बावजूद जलप्रपात में उतरा और देखते-देखते बह गया। उसे बचाने की कोशिशें विफल रहीं।

रांची शहर के हातमा इलाके में रविवार की शाम एक नाले की तेज धार में बह गए एक व्यवसायी देव प्रसाद का शव दूसरे दिन लगभग तीन किलोमीटर दूर मिसिरगोंदा के पास बरामद किया गया। देवप्रसाद बारिश के बीच हातमा सरईटांड़ पुलिया पार कर रहे थे, तब संतुलन बिगड़ने से नाले में गिरकर तेज धार में बह गए थे।

उधर, चाईबासा में कोयना नदी में डूबने से जोजोगुटू गांव निवासी बुधराम देवगम की मौत हो गई। बताया गया कि छोटानागरा शिव मंदिर के समीप कोयना नदी को पार करने की कोशिश के दौरान वह तेज धार में बह गया।

पलामू जिले के रेहला थाना क्षेत्र अंतर्गत मायापुर गांव में बिजली के तार की चपेट में आने से कुलदीप साव नामक शख्स की मौत हो गई। कुलदीप साव अपने घर से निकलकर खेत की ओर गए थे। इसी दौरान वह बारिश की वजह से जमीन पर गिरे बिजली तार की चपेट में आ गए। वहीं, संथाल परगना में बज्रपात से चार लोगों की मौत हो गई।

रविवार को जामताड़ा में वज्रपात से एक परिवार की महिला समेत चार लोगों की जान चली गई थी। बोकारो जिले में बारिश की वजह से दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। पलामू के नौडीहा बाजार के मायापुर की रहने वाली दो बच्चियों की मौत कल गांव के पास एक तालाब में डूब जाने से हो गई थी।

कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

उधर रविवार को ही रांची-पलामू मार्ग पर एक पुल के ध्वस्त हो जाने से डालटनगंज मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। उधर, बारिश के कारण राज्य की नदियां भी उफान पर हैं। जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकाई नदीं के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। झारखंड का एकमात्र सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर भी बारिश की चपेट में है।

लगातार हो रहे मूसलाधार बारिश के कारण भैरवी और दामोदर नदी तूफान पर हैं। यहां कई दुकान पानी में डूब चुकी हैं। आलम ये है कि छिलका पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। पतरातू डैम में पानी खतरे के निशान से ऊपर जा चुका है और कभी भी डैम के फाटक खोले जा सकते हैं। इसे लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है।

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