Sanjeev Singh:
धनबाद। कोयलांचल में सिंह मेंशन एक बार फिर चर्चा में है। सिंह मेंशन के लाल संजीव सिंह एक बार फिर पुराने तेवर में दिख रहे हैं। लोग इस एक्शन को निकाय चुनाव से भी जोड़ कर देख रहे हैं। धनबाद की जनता संजीव सिंह को मेयर चुनाव के उम्मीगवार के रूप में देख रही है। संजीव सिंह भी पूरे एक्शन मोड में हैं। धनबाद में आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ हाल के दिनों में उन्हें अपनी आवाज बुलंद करते हुए देखा गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि संजीव सिंह अपने पुराने तेवर में हैं।
एलबी सिंह को लिया निशाने परः
झरिया में एक घटना के बाद उन्हें कैमरे के आगे एलबी सिंह के विरोध में भड़कते हुए देखा गया। उन्होंने एलबी सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि चाहे कोई भी हो बिना बात किसी को राजनीति करने नहीं दी जाएगी। बताया जा रहा है कि जब से मेयर पद के चुनाव की बात मीडिया में आयी है, एलबी सिंह और उनके समर्थक काफी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे माहौल में संजीव सिंह का फिर से तेवर में आना जाहिर तौर पर मेयर चुनाव के चश्मे से ही देखा जाना चाहिए।
धनबाद की राजनीति और कोल बिजनेसः
कोयले के धंधे से अकूत दौलत कमाने के बाद एलबी सिंह अब राजनीति में इंट्री लेना चाहते हैं। जानकारों का कहना है कि एलबी सिंह ने विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी से टिकट लेने की कोशिश की थी, लेकिन राज सिन्हा के सामने व टिक नहीं पाए। अब निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। कभी भी चुनाव तारीखों की घोषणा हो सकती है। दूसरी तरफ मेयर का चुनाव दलगत भी नहीं है। ऐसे में टिकट की मारा-मारी भी इस चुनाव में नहीं होगी। ऐसे में एलबी सिंह खुद से तैयारी में जुट गए हैं। दूसरी तरफ नीरज सिंह हत्याकांड में संजीव सिंह के जेल से बाहर आने के बाद सिंह मेंशन के समर्थकों के भी हौसले बुलंद हैं। संजीव सिंह पुरानी इमेज वापस चाहते हैं। ऐसे में उनका एक्शन मोड में आना महज वक्त की जरुरत बतायी जा रही है।
आखिर क्यों तेवर में आए संजीवः
संजीव सिंह का रुख देवप्रभा आउटसोर्सिंग के खिलाफ काफी कड़ा दिखा। बताते चलें कि यह कंपनी एलबी सिंह की है। दरअसल आउटसोर्सिंग कंपनियों के खिलाफ मजदूर संगठनों ने एक्शन की मांग करते हुए धरना दिया था। धरना में पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर, रामधीर सिंह की पत्नी इंदु देवी, बहू आसनी सिंह भी मौजूद थीं। आउटसोर्सिंग कंपनियों के लोगों पर आरोप है कि उन्होंने बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। मामला एक रास्ते को लेकर था। आरोप है कि आउटसोर्सिंग कंपनी वालों ने बीसीसीएल के विभागीय कार्य वाले प्रोजेक्ट का रास्ता काट दिया था। इतना ही नहीं, कोयला अधिकारी और कर्मियों के साथ मारपीट भी की गई। यह सब रात में हुआ और अगले दिन यह बात जंगल की आग की तरफ फैली, उसके बाद तो अलग ही माहौल बन गया। संजीव सिंह ने अपनी मौजूदगी में आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा काटे गए रास्ते को भरवा दिया। किसी की हिम्मक नहीं हुई कि वह इसका विरोध करें।
एलबी सिंह को लिया निशाने परः
धरना स्थल पर जब संजीव सिंह पहुंचे तो माहौल काफी गर्म था। मीडिया वालों के एक सवाल पर ही उन्होंने तमाम बातें कह डाली। उन्होंने कहा कि भले ही आउटसोर्सिंग चलाने वाले उनके गांव के हैं, लेकिन गांव का रिश्ता गांव तक ही सीमित रहेगा। झरिया को उजाड़ कर धनबाद में राजनीति करने वालों को किसी कीमत पर वह छोड़ने नहीं जा रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो आउटसोर्सिंग कंपनी को धनबाद से बोरिया-बिस्तर बांधना होगा। उनका सीधा निशाना एलबी सिंह पर था। इसके बाद से कहा जा रहा है कि एलबी सिंह सिंह मेंशन के निशाने पर आ गये हैं। या कहें, तो मेयर चुनाव को लेकर संजीव सिंह और एलबी सिंह आमने-सामने हो गये हैं।








