Black coal game: झारखंड में कोयले के “काले” खेल में अफसरों की मिलीभगत का खुलासा

3 Min Read

Black coal game:

धनबाद। झारखंड में कोयले के “काले खेल” का एक बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा रांची सीबीआई एसीबी के टीम ने किया है। देश की कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में कोयला लिफ्टिंग की आड़ में रंगदारी वसूली का आरोप अब सच साबित होता दिख रहा है। सीसीएल में चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद से सवाल किए जा रहे हैं-कि क्या अन्य कंपनियों के मैनेजमेंट भी इस पर गंभीर होंगे या व्यवस्था पहले की तरह ही चलती रहेगी। कोल इंडिया की एक बड़ी इकाई सीसीएल में कोयला लिफ्टिंग की आड़ में अवैध वसूली के एक बड़ा मामला बेपर्दा हुआ है।

सभी कंपनियों में होती है अवैध वसूलीः

जानकारी के मुताबिक कोल इंडिया की लगभग सभी सहायक कंपनियों में यह वसूली होती है। अवैध वसूली की दर हर जगह अलग-अलग होती है। फिलहाल पकड़ में सीसीएल के चार लोग आए है। इन चार लोगों से पूछताछ के बाद हो सकता है कि और गिरफ्तारियां की जायें। यह कार्रवाई सीबीआई एसीबी रांची की टीम ने की है।
सीसीएल गिद्दी-ए कोलियरी परियोजना, हजारीबाग में कोल ट्रांसपोर्टर और लिफ्टरों से अवैध उगाही मामले में यह गिरफ्तारी की गई है। सीबीआई को अवैध वसूली के साक्ष्य भी मिले है।

6 मार्च को औचक जांच के बाद की गई है गिरफ्तारीः

दरअसल, सीबीआई ने 6 मार्च 2025 को सीसीएल विजिलेंस टीम के साथ गिद्दी परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। उस समय लोगों से पूछताछ में सीबीआई को जानकारी मिली थी कि प्रति ट्रक 18 सौ रुपए की दर से अवैध वसूली की जाती है। जांच में अवैध वसूली से संबंधित सबूत भी मिले थे। इस अवैध राशि की वसूली के लिए अलग-अलग लोग थे, जो पैसा इकट्ठा कर ऊपर तक पहुंचाते थे। दरअसल, कोलियरी क्षेत्र में एक गठजोड़ काम करता है। यह गांठजोड़ कोयला लिफ्टरों से पैसा वसूलता है। अब जब सीसीएल में इस तरह का मामला सामने आने के बाद कोल इंडिया मैनेजमेंट आगे क्या करता है, यह देखने वाली बात होगी।

इसे भी पढ़ें

देश के 32 पावरप्लांटों में एनटीपीसी से कोयले की आपूर्ति बदं 

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं