संसद में उठी सरना धर्म कोड की मांग, सासंद सुखदेव भगत ने उठाया मामला [Demand for Sarna Dharma Code raised in Parliament, MP Sukhdev Bhagat raised the issue]

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नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने सरना धर्म की मांग की है।

लोहरदगा सांसद ने कहा कि ये अत्यंत संवेदनशील और आदिवासी अस्मिता का प्रश्न है। भारत में करोड़ों आदिवासी रहते हैं।

आदिवासी जो प्रकृति के पुजारी हैं, उनकी गिनती सरकार द्वारा नहीं किया जाता है। एक तरफ तो सरकार जंगली, जानवर बाध, शेरों की गिनती करती है, लेकिन आदिवासी की धार्मिक पहचान, उनकी गिनती नहीं करती है।

मैं अपील करता हूं कि आदिवासियों की धार्मिक पहचान उनकी अस्मिता की रक्षा के लिए जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड अंकित किया जाए।

आदिवासियों के लिए भी धर्म का कालम हो

लोहरदगा सांसद ने कहा कि ये अत्यंत संवेदनशील और आदिवासी अस्मिता का प्रश्न है। भारत में करोड़ों आदिवासी रहते हैं। जिनकी धार्मिक परंपरा, पहचान और आस्था का सरकार के द्वारा उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है, क्योंकि जनगणना कॉलम में जैसे अन्य धर्मों के लिए कॉलम दिया गया है।

आदिवासी जो प्रकृति के पुजारी होते हैं उनकी धार्मिक आस्था के लिए कोई जगह नहीं दी गई है। एक तरफ तो सरकार जंगली, जानवर बाध शोरें की गिनती करती है, लेकिन आदिवासी की धार्मिक पहचान जो प्रकृति की पूजारी है उनकी गिनती नहीं करती है।

मैं अपील करता हूं कि आदिवासियों की धार्मिक पहचान उनकी अस्मिता की रक्षा जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड अंकित किया जाए।

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