Defense corridor in Jharkhand: झारखंड में बन सकता है डिफेंस कॉरिडोर, रांची में ड्रोन फैक्ट्री व यूएवी प्लांट पर विचार

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Defense corridor in Jharkhand:

रांची। झारखंड में कहां-कहां रक्षा विनिर्माण इकाई लगाई जा सकती है, इसे लेकर कर्नल जेके सिंह ने एक शोध किया है। अपने शोध पत्र को कर्नल ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को सौंपा है। शोध पत्र के अनुसार रांची और धनबाद में रक्षा क्षेत्र में ड्रोन फैक्ट्री व यूएवी प्लांट लगाया जा सकता है। वहीं जमशेदपुर में स्टील फाउंड्री, आर्टिलरी और स्मॉल आर्म्स एम्युनिशन केसिंग का प्लांट लगाया जा सकता है। चाईबासा में प्री फैब शेल्टर, कोडरमा में ग्रीस हब, हजारीबाग में इलेक्ट्रॉनिक सर्किटरी, दुमका में कैमोफ्लाज पेंट का प्लांट लगाया जा सकता है। उनके शोध पत्र के अनुसार राज्य में डिफेंस कॉरिडोर बनने से लाखों नई नौकरियों का सृजन हो सकता है।

Defense corridor in Jharkhand: सैनिक स्कूल के पूर्ववर्ती छात्र हैं जेके सिंहः

कर्नल जेके सिंह सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र रहे हैं। उनका मानना है कि झारखंड में अगर रक्षा से संबंधित उद्योग लगते हैं तो ये राज्य के विकास के लिए एक अहम कड़ी होगी। रक्षा उद्योग राज्य के लिए बड़ा राजस्व ला सकते हैं, जिससे समाज के वंचित वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं आसानी से लागू की जा सकती हैं।

यह व्यवसाय उच्चतम लाभ देने वाला है, क्योंकि बने हुए हथियार वैश्विक बाजार में डॉलर में बिकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया भारत निर्मित डिफेंस प्रोडक्शन खरीदना चाहती है, क्योंकि हमारा हथियार युद्ध परीक्षण के दौरान टेस्टेड है। कर्नल सिंह आर्मी डे, गणतंत्र दिवस परेड में हिंदी कमेंटेटर के रूप में दो दशकों के से अधिक समय तक अपना योगदान देते रहे है।

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