नयी दिल्ली। र्नाटक चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस में हर्ष ही हर्ष है। पर इस खुशी के बीच सीएम का पद कांग्रेस को टीस दे रहा है। एक ओर शिवकुमार दावा कर रहे हैं कि 155 विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है। वहीं, दूसरी तरफ सिद्धारमैया का दावा है कि 90 MLA उनके हैं।
सोमवार की शाम राहुल गांधी ने एक सवाल के जवाब में कह दिया कि जिसे विधायक चुनेंगे, वही सीएम होगा। सिद्धारमैया पहले से ही दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। शिवकुमार भी मंगलवार को दिल्ली जानेवाले हैं। पर इससे पहले उन्होंने सिद्धारमैया पर हमला बोल दिया है।
उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि सीएम का पोस्ट किसी की पुश्तैनी जागीर नहीं है। किसने कह दिया कि सिद्धारमैया के पास ज्यादा MLA हैं। मंगलवार को दिल्ली में सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। शिवकुमार ने कहा कि सीएम का पोस्ट साझा की जाने वाली संपत्ति नहीं है जैसे कि भाई-बहन पैतृक संपत्ति साझा करते हैं।
यहां सरकार बनाने का सवाल है। शेयरिंग नहीं हो सकती। दिनेश गुंडू राव ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया। कुमार बताते हैं कि उन्होंने तब कार्यभार संभाला जब पार्टी संकट में थी। वह पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाने में सफल रहे और सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के चरणों में 135 सीटें दे चुके हैं। उन्हें किसी ईनाम की उम्मीद नहीं है। उनकी तरफ से कोई मांग नहीं है।
कुमार ने कहा कि अभी सिद्धारमैया और उनके समर्थकों को सपने देखने दीजिए। लोकसभा चुनाव से पहले उनकी कोशिश है सुशासन प्रदान करना और पार्टी की छवि बनाना, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इससे कर्नाटक और देश दोनों विकास के पथ पर जेती से आगे बढ़ेंगे।







