रांची। मंत्री पद से वंचित कांग्रेस के विधायक प्रदेश प्रभारी का आग्रह नहीं ठुकरा सके।
प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर के आग्रह पर कांग्रेस के नाराज विधायक राजभवन पहुंच गये हैं।
हालांकि उनकी नाराजगी कम नहीं हुई है। प्रदेश प्रभारी ने उन्हें समझाया कि यदि वे राजभवन नहीं गये, तो लोगों के बीच इसका अच्छा संदेश नहीं जायेगा।
इसके बाद विधायक राजभवन जाने के लिए तैयार हुए। बता दें कि चंपई कैबिनेट में जगह पाने की उम्मीद पार्टी के कई विधायकों ने पाल रखी थी।
इतना ही नहीं, कई ने तो खुलआम अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी। कुछ ने अपने विभाग तक तय कर रखे थे। पार्टी के वरिष्ट नेता इस मामले में चुप्पी साधे हुए थे।
और अंत में किसी तरह का रिस्क नहीं लेते हुए पार्टी ने पुराने चेहरों को ही मंत्रिमंडल में शामिल करने का फैसला कर लिया।
इसकी जानकारी मिलते ही इच्छुक विधायक भड़क गये। बताया जा रहा है कि करीब 11 विधायक पार्टी के इस फैसले से काफी नाराज हैं।
इसके बाद सभी नाराज विधायक सर्किट हाउस पहुंच गये और विरोध शुरू कर दिया। नाराज विधायकों ने विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को इसके लिए दोषी बताते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
वे उन्हें विधायक दल के नेता के पद से हटाने की मांग करने लगे। इसके बाद उन्होंने राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में जाने से इनकार कर दिया।
जब इसकी जानकारी प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर को मिली, तो वे भागे-भागे सर्किट हाउस पहुंचे।
फिर उन्होंने आग्रह निवेदन कर नाराज विधायकों को समझाया और राजभवन जाने के लिए राजी किया।
हालांकि नाराज विधायकों ने कहा कि वे अब अपनी बात आलाकमान के पास रखेंगे।
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