मंत्री पद को लेकर रांची से दिल्ली तक लॉबिंग, कांग्रेस में पेंच ज्यादा

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रांची। झारखंड में अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। इसके लिए रांची से लेकर दिल्ली तक दौड़ लग रही है। कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों की नजरें अब चंपई सोरेन की ओर टिकी है।

चंपई कैबिनेट में जगह पाने के लिए लाबिंग तेज हो गई है। मंत्रिमंडल विस्तार में झामुमो-कांग्रेस के मंत्रियों के पद भरे जाएंगे। बहुत ज्यादा फेरबदल होने की संभावना नहीं है। झामुमो में इसे लेकर एक हद तक स्पष्टता है।

वहीं, कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को लेकर ज्यादा बेचैनी दिख रही है। पार्टी के विधायकों ने मंत्रिमंडल में चेहरे बदलने का दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि कांग्रेस से कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है।

बीते मंगलवार को झामुमो विधायक सीता सोरेन ने भी चंपई सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में सम्मिलित किए जाने की उम्मीद जताई।

उन्होंने मीडिया के सवालों पर कहा कि वे कभी भी मुख्यमंत्री या मंत्री पद को लेकर नाराज नहीं थीं।

नाराजगी की सभी बातें अफवाह हैं। उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताते हुए कहा कि सभी कुछ बाबा यानी शिबू सोरेन तय करेंगे। उनका आशीर्वाद मिलेगा तो वे जरूर मंत्री बनेंगी।

बहुत जल्द सभी कुछ तय हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की ओर से जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी जाएगी, उसका वे निर्वहन करेंगी।

सिर्फ सीता सोरेन ही नहीं, बल्कि कई विधायकों ने खुलेआम मीडिया के सामने मंत्री पद को लेकर अपनी व्याकुलता जाहिर कर चुके हैं।

कुछ ने तो खुद के लिए विभाग भी तय कर रखा है। इरफान अंसारी को स्वास्थ्य विभाग चाहिए। वहीं, दीपिका पांडेय और अंबा प्रसाद को कोई भी विभाग चलेगा।

इधर, झामुमो में सीता सोरेन के अलावा बसंत सोरेन भी मंत्री पद के तगड़े दावेदार हैं। हालांकि उनकी दावेदारी तो डिप्टी सीएम के लिए ज्यादा प्रबल है।

इधर, विश्वास मत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने मंत्रिमंडल में विस्तार की कवायद तेज कर दी है। कहा जा रहा है कि आठ फरवरी यानी कल गुरुवार को मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।

चंपई सोरेन ने कहा भी है कि बहुत जल्द मंत्रिमंडल का विस्तार कर लेंगे। इसमें देरी नहीं करने के पीछे की सबसे बड़ी वजह लोकसभा चुनाव को लेकर लागू होने वाला आदर्श चुनाव आचार संहिता है।

आचार संहिता लागू होने के बाद विकास योजनाओं की रफ्तार पर असर पड़ेगा, वहीं सरकार नई एवं कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा नहीं कर पाएगी। कहा जा रहा है कि बहुत ज्यादा फेरबदल होने की संभावना नहीं है।

झामुमो में इसे लेकर बहुत मारामापी नहीं है। पर कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की बेचैनी देखते ही बन रही है। एक तरफ पुराने चेहरे अपना मंत्री पद बरकार रखने के लिए बेकरार है, तो दूसरी ओर नये चेहरे पुरानों को हटाने का दबाव बना रहे हैं।

ऐसे भी कांग्रेस कोटे से कुछ नये चेहरे सामने आने की पूरी उम्मीद है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में व्यस्तता के कारण इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।

प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता आपसी सहमति से इस पर निर्णय लेंगे। फिर इसकी जानकारी आलाकमान को दी जाएगी। उसके बाद इससे मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को अवगत करा दिया जाएगा।

9 साल बाद मंत्री का 12वां पद भरे जाने की उम्मीद बढ़ी

चर्चा तो यह भी है कि चंपई सोरेन के मंत्रिमंडल में 12वीं कुर्सी भी भरी जा सकती है। बता दें कि झारखंड में पिछले 9 साल से 12वां मंत्री पद खाली है।

रघुवर दास की सरकार में भी 12 मंत्री का पद खाली रहा और हेमंत सोरेन के पूरे चार साल के कार्यकाल में भी यह खाली ही रहा। अब उम्मीद की जा रही है कि 12वां मंत्री पद भरा जायेगा।

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