रांची : गोड्डा के पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता फुरकान अंसारी ने एक सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि हम लोग भी पहले यादव थे और सामंतों के जुल्म की वजह से मुसलमान बन गये। मुगल शासक औरंगजेब पर लग रहे जबरन धर्मांतरण के आरोपों पर उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने किसी का जबरन धर्मांतरण नहीं कराया था।
फुरकान ने कहा कि सामंतियों की जुल्म से परेशान होकर उनके दादा-परदादा ने इस्लाम धर्म अपनाया था। उन्होंने कहा कि हमें पूजा करने के लिए मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता था। हमारी बहु-बेटियों की इज्जत खतरे में थी। उन पर जुल्म किया करते थे। उनका शोषण होता था। उन्होंने कहा कि मोदी राज में एक दलित राष्ट्रपति के मंदिर में प्रवेश करने पर गंगाजल से मंदिर को धोया गया था। भाजपा वाले भी सामंती सोच के लोग है।
मुस्लिम समाज में जो मंडरिया जाति है, पहले ये लोग अपना सरनेम मंडल लगाते थे। इसी प्रकार बड़ी संख्या में महतो, यादव भी थे जिन्होंने हिन्दू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूला था। फुरकान ने कहा कि उनके पूर्वज कभी मुसलमान नहीं बनना चाहते थे लेकिन सामंतियों ने इतना प्रताड़ित किया कि उन लोगों को यह कदम उठाना पड़ा। हालांकि ऐसा करने के लिए मुगल शासक औरंगजेब ने किसी तरह का कोई दबाव नहीं दिया था। फुरकान अंसारी ने कहा कि हमारे पूर्वजों के लिए मंदिरों में प्रवेश तो वर्जित था ही नलकूपों से पानी तक नहीं लेने दिया जाता था।
सामंती सोच के लोग कहते थे कि इससे पानी दूषित हो जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुरकान अंसारी कांग्रेस के टिकट पर गोड्डा से चुनाव लड़े थे। लेकिन इस बार भाजपा के निशिकांत दुबे ने उन्हें चुनाव में हरा दिया था। इस बार वर्ष 2024 में फुरकान अंसारी के फिर गोड्डा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। उनके बेटे डॉ. इरफान अंसारी भी कांग्रेस में हैं और जामताड़ा से विधायक भी हैं। फुरकान अंसारी और इरफान अंसारी दोनों पिता-पुत्र अपने बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहते हैं। इस बार भी फुरकान अंसारी अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं।







