CM Hemant Soren returns to Ranchi
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को 10 दिनों के विदेश दौरे के बाद रांची लौट आए। इस दौरान उन्होंने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लिया और इसके बाद यूनाइटेड किंगडम में निवेश, उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े कई अहम कार्यक्रमों में भाग लिया। मुख्यमंत्री का यह दौरा झारखंड को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दावोस में झारखंड को बताया उभरता औद्योगिक राज्य
दावोस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड को निवेश के लिए एक उभरते औद्योगिक राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने वैश्विक उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों से मुलाकात की और राज्य की औद्योगिक नीतियों, खनिज संसाधनों, मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे की संभावनाओं को सामने रखा। इस दौरान झारखंड के लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की संभावना बनी, जिससे आने वाले समय में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यूके में निवेश, शिक्षा और रिसर्च पर फोकस
दावोस के बाद मुख्यमंत्री यूनाइटेड किंगडम पहुंचे, जहां उन्होंने लंदन और ऑक्सफोर्ड में कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने इंपीरियल कॉलेज लंदन के रिसर्च सेंटर्स का दौरा किया और क्रिटिकल मिनरल्स, वैल्यू एडेड इंडस्ट्री, ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर चर्चा की। इसके अलावा, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज में मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेखों का अवलोकन भी किया।
झारखंड के विकास को मिलेगी नई दिशा
सरकार का मानना है कि इस विदेश दौरे से झारखंड की पहचान केवल खनन आधारित राज्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य औद्योगिक, आईटी और हरित तकनीक के हब के रूप में भी उभरेगा। निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन और अधिकारियों की टीम रांची लौटने के बाद आगे की कार्ययोजना पर मंथन करेगी।












