CM Hemant Soren:
रांची। भोगनाडीह में हूल दिवस के दिन हुई झड़प एवं पुलिसिया लाठीचार्ज से नाराज आजिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया। रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर पुतला दहन के दौरान आदिवासी नेता काफी गुस्से में दिखे। उन्होंने कहा कि पहले तो आजादी की लड़ाई में उनका खून बहा। अब हेमंत सरकार उनका खून बहा रही है। हेमंत सोरेन यह भूल गये हैं कि वह भी एक आंदोलनकारी शिबू सोरेन के बेटे हैं।
CM Hemant Soren:
आदिवासी संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता के कारण यह हिंसा हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। आदिवासी नेताओं ने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा करने में विफल रही है और इसके कारण भोगनाडीह जैसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने हूल दिवस के महत्व को भी रेखांकित किया और आदिवासी समुदाय के संघर्ष को सम्मान देने की बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस घटना को हल्के में ले रही है।
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