CM Hemant: फेक‌ न्यूज के झांसे में आए सीएम हेमंत, सोशल मीडिया पर लिया संज्ञान [CM Hemant fell prey to fake news, took cognizance on social media]

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CM Hemant: गांव पहुंचे डीसी तो सच्चाई आई सामने

लोहरदगा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में जो कुछ भी नजर आ रहा था, उसने राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन से लेकर लोहरदगा के डीसी डॉक्टर ताराचंद तक को परेशान कर दिया। सीएम हेमंत सोरेन के सोशल मीडिया हैंडल X पर दिए जवाबी पोस्ट से पूरा प्रशासनिक अमला दौड़ पड़ा। लेकिन, यहां पहुंचते ही इस कहानी में ट्विस्ट आ गया।

CM Hemant: वीडियो में बेटों से हल जुतवाता दिखा किसानः

वीडियो में नजर आ रहा था कि लीला उरांव नामक एक किसान, जो काफी गरीब और दिव्यांग भी है। खेतों की जुताई के लिए बैल नहीं होने की वजह से वह हल में अपने बेटों को ही लगाकर खेतों की जुताई करा रहा था। एक किसान की इस हालत को देखकर किसी ने सीएम के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर टैग कर दिया। ये मामला संवेदनशील था तो मामले में सक्रियता दिखाते हुए सीएम ने डीसी को टैग करते हुए जवाबी पोस्ट किया और मामले की जांच करने को कहा।

CM Hemant: पूरा अमला लेकर डीसी पहुंचे गांव मेः

इसके बाद लोहरदगा के डीसी तमाम प्रशासनिक अमला के साथ उस किसान के गांव पहुंच गये। जब पूरे मामले की जांच हुई तो कहानी में एक नहीं कई पहलू सामने आ गए।
लोहरदगा डीसी डॉक्टर ताराचंद अन्य अधिकारियों के साथ लीला उरांव के गांव चरहु पहुंच गए। उन्होंने लीला उरांव और ग्रामीणों से बात की। जब पूरी बात हुई तो पता चला कि लीला उरांव के दो बैल में से एक बैल की मृत्यु बीमारी की वजह से हो चुकी थी। दूसरे बैल को लीला उरांव ने बेचकर खेती में पैसा लगा दिया।

CM Hemant: लीला उरांव ने किया मजाक, किनी ने बना दिया वीडियोः

मंईयां सम्मान योजना का लाभ लीला के परिवार के सदस्य को मिल रहा है। उसे खुद दिव्यांकता पेंशन मिलता है। साथ ही राशन कार्ड भी है। उसने मजाक-मजाक में ये बात कही थी। जिसे किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामले की सच्चाई जानकर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।

CM Hemant: सत्यता की जांच के बिना खबर चलाई गईः

डीसी ने कहा कि वीडियो में दिखाई गयी बात सच्चाई से परे है। किसी मीडिया हाउस ने बिना सत्यता की जांच के ही खबर चला दी। मीडिया की यह जिम्मेदारी है कि वह सच्चाई का पता लगाए। हालांकि डीसी ने किसान लीला उरांव को सरकार की योजना के तहत पशुपालन विभाग के माध्यम से दो बैल दिए जाने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया। कुल मिलाकर कहानी जहां से शुरू हुई थी, उस कहानी में ट्विस्ट आ गया था। जिस वीडियो और खबर ने सीएम से लेकर डीसी तक को परेशान कर दिया, उसकी कहानी कुछ और ही निकली।

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