रांची। 29 दिसंबर को सीएम हेमंत सोरेन सरकार के चार साल पूरे हो रहे हैं। सरकार इसे उपलब्धियों वाला काल मान रही है। इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरकार की उपलब्धियां गिनाई। वहीं उन्होंने अपनी प्लानिंग से भी रूबरू कराया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार बनते ही कोरोना के लपेटे में सरकार आ गई। तमाम परेशानियों के बाद भी हम डटे रहे। केंद्र का सहयोग काफी कम मिला। इसके बाद भी हमने आम जनता के लिए काम किया। सीएम ने कहा कि झारखंड एक पिछड़ा राज्य है, फिर भी हमने पूरी कोशिश की कि हमारी योजना कारगर तरीके से आम लोगों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि राज्य की ऐसी स्थिति होने के बाद भी केंद्र से हमारी सरकार को जो सहयोग मिलना चाहिए था, वो कम मिला। फिर भी हमने हार नहीं मानी। सभी वर्ग के लोगों के लिए योजना बनाने का काम किया।
सरकार के काम काज पर विपक्ष की आलोचना के सवाल पर हेमंत सोरेन ने कहा कि हम विपक्ष की आलोचना की परवाह नहीं करते हैं। उनका काम आलोचना करना ही है। हम ऐसे सवालों पर ध्यान नहीं देते हैं। हेमंत सोरेन ने कहा कि हम काम कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष का काम आलोचना करना है, वो करें।
ईडी की ओर से समन के बाद नहीं जाने के सवाल पर हेमंत सोरेन ने कहा कि ईडी कानून के तहत काम करती है और हम भी इसे स्वीकार करते हैं। हम पर जिस तरह के आरोप लगे, जिस तरह से फंसाने की कोशिश हुई इसमें एक बात तो साफ है कि इन लोगों से लड़ते हुए हमने बहुत कुछ सीखा है। आदिवासी जरूर हैं लेकिन बोका नहीं। उन्होंने कहा कि इन लोगों की साजिशों से लड़ते-लड़ते हमने भी नूरा कुश्ती सीख ली है।
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