रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को मुख्यमंत्री सारथी योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण युवाओं को नौकरियां मिलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़ी संख्या में युवा सेना, बैंक और रेलवे आदि में नौकरी के लिए जाते थे। मगर केंद्र सरकार की नीतियों के कारण इन सभी क्षेत्रों में युवाओं को नौकरी मिलना मुश्किल हो गया है।
हेमंत ने कहा कि दो साल कोरोना से लड़ने के बावजूद, हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान करने के साथ बीस हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्रों में रोजगार के लिए नियुक्ति पत्र सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा के साथ कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है।
आज कई युवा लाखों की प्राइवेट नौकरी छोड़कर स्वरोजगार की तरफ भी अपने कदम बढ़ा रहे हैं। पहले वो किसी कम्पनी में कर्मचारी हुआ करते थे, आज खुद मालिक हैं तथा दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। हमारे राज्य में कई गांव-प्रखंड दूरस्थ क्षेत्र में हैं। इसलिए हम कौशल केंद्र इन प्रखंडों में भी खोल रहे हैं। इसके साथ-साथ आपको कौशल केंद्र आने-जाने के लिए परिवहन भत्ता भी दिया जाएगा। पहले झारखंड के युवाओं के लिए विदेश में पढ़ना बहुत कठिन होता था।
आज हम सौ प्रतिशत स्कॉलरशिप के साथ वंचित वर्ग के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेज रहे हैं। झारखंड के युवाओं के लिए हम कई कल्याणकारी योजनाएं लेकर आये हैं। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत 15 लाख तक का लोन बहुत कम व्याज पर सरकार आपको देगी। योजना में यह प्रावधान किया गया है कि पढ़ाई पूरा करने के 1 वर्ष के बाद आप लोन चुकाना शुरू कर सकेंगे।
आप एक कदम चलें, सरकार आपके साथ चार कदम चलेगी। आज कई विकल्प युवाओं के सामने रखे हुए हैं। हमने सीएमईजीपी के अंतर्गत हज़ारों युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया है। लाखों युवाओं को इस योजना से जोड़ कर उन्हें लाभ देने की हमारी सोच है। मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री सारथी योजना के अंतर्गत आप सभी युवा बेहतर कौशल प्रशिक्षण लेकर आगे बढ़ेंगे।








