Jharkhand voter ID fraud:
रांची। झारखंड में वोटर ID बनाने की प्रक्रिया के दौरान उम्र संबंधी दस्तावेजों में हेरफेर की बढ़ती शिकायतों को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसी किसी भी अनियमितता को तुरंत रोका जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
सूत्रों के अनुसार
सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रज्ञा केंद्रों, साइबर कैफे और व्यक्तिगत स्तर पर आयु प्रमाण पत्रों में जानबूझकर बदलाव करके वोटर आईडी के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए न केवल मतदाता सूची में नाम जोड़ने की कोशिश हो रही है, बल्कि अन्य सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए भी इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि फॉर्म 6, 7 और 8 का निष्पादन केवल निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध दस्तावेज को स्वीकार नहीं किया जाएगा और यदि कोई प्रज्ञा केंद्र, साइबर कैफे या आवेदक गलत दस्तावेज प्रस्तुत करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
के. रवि कुमार
के. रवि कुमार ने पत्र के माध्यम से सभी निर्वाचक निबंधन अधिकारियों को बताया कि प्रपत्रों का निष्पादन हमेशा विदित प्रक्रियाओं के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
इस दिशा में कदम उठाकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने झारखंड में आगामी चुनावों में मतदाता सूची की पारदर्शिता और वैधता सुनिश्चित करने की कोशिश की है। उनका संदेश साफ है कि वोटर आईडी के निर्माण में किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य में सभी मतदाता पहचान प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और सुसंगठित बनाया जाएगा।यह निर्णय राज्य में मतदाता पहचान प्रक्रिया में ईमानदारी बनाए रखने और चुनावों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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