Ranchi University:
रांची। रांची विश्वविद्यालय ने स्नातक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की मूल्यांकन प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब पीजी की तरह यूजी कला, विज्ञान और वाणिज्य स्ट्रीम की कॉपियों का मूल्यांकन राजधानी रांची में ही किया जाएगा। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा चार कॉलेजों में मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। मूल्यांकन कार्य 4 नवंबर से शुरू होगा। फिलहाल, कॉपियों की जांच के लिए परीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
50 हजार छात्रों की कॉपियों का मूल्यांकनः
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार स्नातक फर्स्ट (सेशन 2024-28 ) और फिफ्थ सेमेस्टर (सेशन 2022-26) के लगभग 50 हजार छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जानी हैं। इनमें फर्स्ट सेमेस्टर के 26 हजार और फिफ्थ सेमेस्टर के 24 हजार छात्र शामिल हैं। राजधानी स्थित जिन कॉलेजों में मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है, उसमें वीमेंस कॉलेज रांची, निर्मला कॉलेज, गोस्सनर कॉलेज और डोरंडा कॉलेज शामिल हैं। बताते चलें कि यूजी फर्स्ट और फिफ्थ सेमेस्टर की परीक्षा अक्टूबर पहले और तीसरे सप्ताह में समाप्त हुई है।
शिक्षकों की कमी चुनौतीः
शिक्षकों की कमी विवि के लिए अब भी बड़ी चुनौती है। पिछले सात वर्षों से नई नियुक्ति नहीं हुई है, जबकि हर महीने कई शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। स्नातक के फर्स्ट व फिफ्थ सेमेस्टर की करीब एक लाख कॉपियों का मूल्यांकन होना है। ऐसे में शिक्षकों के ऊपर कार्यभार बढ़ना तय है।
रांची में मूल्यांकन की वजहः
- गड़बड़ियों पर लगेगा ब्रेक : कई बार स्नातक की कॉपियां गुम होने की शिकायतें मिली हैं। भूगोल व मनोविज्ञान की कॉपियों के गायब होने से विवाद खड़ा हो गया था। बाद में औसत अंक देकर परिणाम जारी करना पड़ा था।
- सेशन होगा नियमित : रांची में मूल्यांकन होने से पूरी प्रक्रिया विवि प्रशासन की सीधी निगरानी में रहेगी। इससे मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ेगी। गड़बड़ियों की संभावना घटेगी। लंबे समय से बेपटरी सेशन को नियमित करने में मदद मिलेगी।
- समय की बचत : कॉपियों को अन्य राज्यों में भेजने व फिर लौटाने में काफी समय लगता था। इससे परिणाम जारी करने में देरी होती थी। इसका सीधा असर सेशन पर पड़ता था। स्थानीय स्तर पर जांच होने से रिजल्ट समय पर आ सकेगा।
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