Sahibganj Illegal Mining Case
रांची। साहिबगंज जिले में सामने आए अवैध पत्थर खनन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। Sahibganj Illegal Mining Case में अब कई अफसरों और नेताओं को CBI ने अपने रडार पर ले लिया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर संबंधित अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों को जल्द ही औपचारिक नोटिस जारी किए जाने की तैयारी की जा रही है।
CBI द्वारा दर्ज एफआईआर में विष्णु यादव, पवित्र कुमार यादव, पंकज मिश्रा, राजेश यादव, संजय कुमार यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुवेश मंडल को आरोपी बनाया गया है। केस दर्ज होने के बाद से ही CBI की टीम कई बार साहिबगंज जिले में छापेमारी कर चुकी है। इन छापेमारियों के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध लेनदेन और संपत्ति से जुड़े साक्ष्य सामने आए हैं।
जांच के क्रम
जांच के क्रम में CBI Investigation Jharkhand के तहत टीम ने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की। इसके बाद कई लोगों को नोटिस जारी कर CBI कार्यालय में बुलाया गया, जहां उनके बयान दर्ज किए गए। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर जिला खनन पदाधिकारी (DMO) से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की गई थी।
छापेमारी के दौरान
छापेमारी के दौरान CBI ने करीब 50 लाख रुपये मूल्य के जेवरात, 1.5 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े दस्तावेज जब्त किए थे। इसके अलावा अन्य ठिकानों से लगभग 60 लाख रुपये नकद, एक किलोग्राम सोना और गोलियां भी बरामद की गई थीं। इन बरामदगियों ने अवैध खनन से जुड़े संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है।
CBI को जांच में क्या जानकारी मिली?
CBI को जांच में यह भी जानकारी मिली है कि पूरे अवैध खनन नेटवर्क में कुछ प्रभावशाली नेता और अधिकारी शामिल हैं। इसी आधार पर अब उनके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि नोटिस जारी होने के बाद मामले में कई बड़े नामों की भूमिका सामने आ सकती है, जिससे राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

