PESA Act: पेसा नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी, दीपिका पांडे सिंह की मौजूदगी में जनजातीय शासन महोत्सव का भव्य समापन

Anjali Kumari
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PESA Act

रांची। झारखंड में आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम यानी PESA के तहत तैयार नियमावली को मंजूरी दे दी गई। पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को कुछ मामूली संशोधनों के साथ स्वीकृति मिली, जिससे अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के अधिकार और अधिक सशक्त होंगे।

जनजातीय शासन महोत्सव का हुआ समापन

इसी कड़ी में राजधानी रांची के ऑड्रे हाउस परिसर में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय शासन महोत्सव का समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की प्रमुख मौजूदगी रही। महोत्सव में पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम सभा की भूमिका और पारंपरिक प्रशासनिक ढांचे को सशक्त बनाने जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

ग्राम सभाओं को मिलेंगे व्यापक अधिकार

पेसा नियमावली लागू होने के बाद अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पारंपरिक संस्थाओं की रक्षा, सामाजिक-आर्थिक निर्णयों में भागीदारी, विकास योजनाओं की निगरानी और स्थानीय विवादों के समाधान जैसे अहम अधिकार मिलेंगे। इससे गांव स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और आदिवासी समाज की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद

कैबिनेट से नियमावली की मंजूरी के बाद मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात कर आभार जताया। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली को धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता रही है और अब यह संकल्प औपचारिक रूप से साकार हो गया है।

आत्मसम्मान और भागीदारी की मजबूत नींव

समापन सत्र में मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि PESA एक्ट केवल एक कानून नहीं, बल्कि आदिवासी समुदायों के आत्मसम्मान, स्वशासन और भागीदारी की मजबूत नींव है। राज्य सरकार इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि गांव और ग्राम सभाएं विकास की धुरी बन सकें।

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