बजट सत्र को राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

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देर होने से विधायकों को होगी मुश्किल

रांची। झारखंड कैबिनेट की बैठक 12 फरवरी को होनी है। इसमें विधानसभा का बजट सत्र का प्रस्ताव लाया जा सकता है। राज्य में बजट सत्र 23 फरवरी से प्रस्तावित है।

फिलहाल इसे राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही बजट सत्र बुलाए जाने संबंधी अधिसूचना जारी होगी। बताया जा रहा है कि राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन अभी राज्य से बाहर हैं।

14 फरवरी तक उनके लौटने की उम्मीद है। इसके बाद ही बजटसत्र को उनकी मंजूरी मिल सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद बीते दो फरवरी को चंपई सोरेन मुख्यमंत्री बने हैं।

अब 16 फरवरी को चंपाई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होना है। अधिसूचना में देर होने से विधायकों की मुश्किल बढ़ रही है। क्योंकि वे इस बजट सत्र में तारांकित प्रश्न नहीं पूछ सकेंगे।

बता दें कि बजट सत्र में कई तरह के प्रश्न लिए जाते हैं। तारांकित, अल्पसूचित व अन्य। तारांकित प्रश्न पूछने के लिए झारखंड विधानसभा की कार्यपालिका नियमावली में कुछ शर्तें निर्धारित हैं।

विधानसभा सचिवालय को विधायकों से सत्र की पहली बैठक से कम से कम 14 दिन पूर्व तारांकित प्रश्न प्राप्त हो जाना चाहिए।

इसलिए राज्यपाल द्वारा सत्र आहूत करने संबंधी अधिसूचना कम से कम 15 दिन पूर्व जारी हो जानी चाहिए।

इस शर्त के अनुसार अगर बजट सत्र 23 फरवरी से प्रस्तावित है, तो इसकी अधिसूचना नौ फरवरी को जारी हो जानी चाहिए थी।

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