PM Housing Scheme: पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, पंचायत सचिव गिरफ्तार

Anjali Kumari
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PM Housing Scheme

हजारीबाग। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब लाभुकों को मिलने वाली सहायता राशि में रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) हजारीबाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हुवाग पंचायत के पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह को ₹2500 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी की ट्रैप टीम ने पूरी योजना और सरकारी गवाहों की मौजूदगी में अंजाम दी।

क्या है मामला?

मामला ग्राम हुवाग निवासी मो. अलीजान अंसारी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने एसीबी कार्यालय में आवेदन देकर बताया था कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है, जिसका स्वीकृति संख्या JH16017/3/1204 है। गांव के अन्य लाभुकों को योजना की पहली किस्त का भुगतान हो चुका है, लेकिन उनसे रिश्वत मांगे जाने के कारण अब तक उन्हें एक भी किस्त नहीं मिली।

शिकायतकर्ता के अनुसार

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह से पहली किस्त के भुगतान के लिए संपर्क किया, तो सचिव ने ₹10,000 रिश्वत की मांग की और स्पष्ट रूप से कहा कि बिना पैसा दिए किस्त जारी नहीं होगी। रिश्वत देने से इनकार करने पर लाभुक ने एसीबी से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद एसीबी ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया, जिसमें ₹5000 रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाई गई। बाद में पंचायत सचिव द्वारा ₹2500 की पहली किस्त लेने पर सहमति बनी। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर एसीबी हजारीबाग थाना में कांड संख्या 14/2025 दिनांक 22 दिसंबर 2025 को दर्ज किया गया। इसके बाद एसीबी की ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही पंचायत सचिव प्रभु नारायण सिंह ने लाभुक से ₹2500 रिश्वत की राशि ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी पंचायत सचिव को एसीबी थाना लाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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