झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा का फोकस GYAN पर, जानें क्या हैं इसके मायने [BJP’s focus on GYAN in Jharkhand Assembly elections, know its meaning]

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रांची। Jharkhand Assembly Election2024: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का फोकस GYAN पर होगा।

झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने गुरुवार (29 अगस्त) को हरमू स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में यह जानकारी दी।

बाबूलाल मरांडी ने बताया कि G, Y, A और N भाजपा के लिए चार अमृत स्तंभ होंगे। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता इन स्तंभों के साथ सीधा संवाद करेंगे।

बाबूलाल मरांडी ने GYAN के बारे में बताया

बाबूलाल मरांडी ने GYAN के बारे में विस्तार से भी बताया। कहा कि G का मतलब है गरीब, Y का अर्थ है युवा, A का मतलब है अन्नदाता यानी किसान और N का मतलब है नारी।

यानी आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के संकल्प पत्र यानी घोषणा पत्र के फोकस में यही चार वर्ग (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) रहने वाले हैं।

भाजपा का संकल्प पत्र झारखंड की जनता में पैदा करेगा विश्वास

भाजपा का घोषणा पत्र तैयार करने के लिए बनी समिति के संयोजक विधायक अनंत ओझा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र विश्वास पत्र के रूप में जनता के बीच राज्य की प्रगति और विकास का विश्वास पैदा करेगा।

उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प पत्र झारखंड की हताश, निराश जनता को विकसित झारखंड बनाने के लिए आगे आने की प्रेरणा देगा।

भाजपा ने सलाह देने के लिए जारी किया व्हाट्सएप नंबर

झारखंड प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया गया। कहा गया कि इस नंबर पर हर वर्ग और समाज के लोग अपनी राय दे सकते हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का संकल्प पत्र तैयार करते समय उनकी राय को इसमें समाहित किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, विजय चौरसिया और विवेक विकास उपस्थित थे।

विधानसभा चुनाव से पहले इन लोगों की राय लेगी भाजपा

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चुनाव के लिए संकल्प पत्र तैयार करने से पहले अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, किसान, महिला, युवा, खिलाड़ी, व्यापारी, व्यावसायिक संगठन, उद्योग समूह, हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं, निजी शिक्षण संस्थान, लोक कलाकार, कर्मचारी संगठन, सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन, दिव्यांग जन, संगठित मजदूर संगठन, असंगठित मजदूर संगठन, स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचायती राज प्रतिनिधि, फुटपाथ विक्रेता, ऑनलाइन ट्रेडिंग वर्कर्स, ग्राम प्रधान, मुंडा, मानकी, पाहन, बैगा, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, रसोइया और आम लोगों की राय ली जाएगी।

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