रांची। झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ 1971 से जारी है। 1990 से 2015 के दौरान घुसपैठ के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। अब स्थिति ये है कि कई गांव आदिवासियों से खाली हो गए हैं। पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे पाकुड़ जिले के झिकरहटी गांव 2000 से पहले संथाल जनजाति बहुल गांव था।
अब यहां आदिवासियों के सरना स्थल (धार्मिक जगह) से ज्यादा मस्जिदें और मदरसे नजर आते हैं।
धुसपैठ बड़ा मुद्दाः चंपाई सोरेन
BJP ने इसे मुद्दा बनाया था। पार्टी के लीडर और पूर्व CM चंपाई सोरेन ने कहा था कि झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठ बड़ा मुद्दा है। इस पर कोई पार्टी ध्यान नहीं दे रही है। सिर्फ BJP ही इस पर आवाज उठा रही है। हालांकि रिजल्ट से साफ हो गया कि चुनाव में घुसपैठ के मुद्दे का असर नहीं रहा।
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