रांची। झारखंड की राजनीति में शह और मात का खेल शुरू हो गया है। लोकसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे निकट आ रही हैं, राजनीतिक दलों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं।
भाजपा ने जहां 195 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही अपनी रणनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
वहीं, कांग्रेस भी इसे लेकर रणनीति बनाने में जुटी है। कांग्रेस को लेकर भाजपा पहले से ही सतर्क दिख रही है।
यही कारण है कि पहले ही चरण में राज्य की तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है।
अब तक झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद और लेफ्ट का गठबंधन अभी सीटों का पेंच भी नहीं सुलझा पाया है।
इधर भाजपा ने 11 सीटों पर उम्मीदवार देते हुए हजारीबाग और लोहरदगा से मौजूदा सांसद का टिकट काट कर सभी को चौंका दिया है।
इसके बाद भी किसी तरह के असंतोष या नाराजगी की खबर नहीं है। धनबाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सभा के बाद जो माहौल बना है, उसमें पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं।
मार्च के दूसरे सप्ताह में लोकसभा चुनाव की घोषणा संभव है। ऐसे में झारखंड में भाजपा प्रत्याशियों को तैयारी के लिए ज्यादा समय मिलेगा।
प्रत्याशी अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सहजता से रणनीति बना पाएंगे। प्रदेश भाजपा की योजना चुनाव की घोषणा से पहले किसी बड़े केंद्रीय नेता की सभा रांची में कराने की है।
गृहमंत्री अमित शाह की फरवरी में होने वाली सभा को अगले तीन चार दिनों में कराने पर भी विचार हो रहा है।
भाजपा ने धनबाद और चतरा के प्रत्याशी का नाम होल्ड पर रखा है। उम्मीद है आठ मार्च तक इन सीटों के लिए घोषणा हो सकती है।
धनबाद के लिए कांग्रेस की एक महिला विधायक के नाम की चर्चा है, जबकि चतरा सीट पर पार्टी किसी स्थानीय को प्रत्याशी बनाने की कोशिश में है।
पलामू सीट पर सांसद बीडी राम को तीसरी बार टिकट देकर पार्टी ने हाल ही में शामिल हुए घूरन राम को निराश किया है।
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