रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के 29 हजार सरकारी स्कूल शिक्षकों को नए टैब देने का फैसला किया है। इन टैब में इस बार न तो मुख्यमंत्री का कोई वीडियो होगा और न ही शिक्षा मंत्री का। टैब में सिर्फ झारखंड सरकार का लोगो होगा। इन टैब के माध्यम से शिक्षक उपस्थिति बना सकेंगे और स्कूलों से संबंधित रिपोर्ट विभाग को भेज सकेंगे।
राज्य के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को नया टैब देने की तैयारी है। लगभग 29 हजार शिक्षकों को नया टैब मिलेगा। इस बार अच्छी बात यह है कि शिक्षकों को दिए जाने वाले टैब में इस बार न तो मुख्यमंत्री का कोई वीडियो होगा और न न ही शिक्षा मंत्री का। न ही उनका कोई फोटो टैब में होगा। शिक्षकों को ये टैब समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिए जाने हैं।
टैब पर सिर्फ झारखंड सरकार का लोगो होगाः
शिक्षकों को दिए जाने वाले टैब में इस बार सिर्फ झारखंड सरकार का लोगो होगा। वह भी टैब के ऊपर। इन बिल्ड टैब में कोई वीडियो या फोटो नहीं होगा। टैब ऐसा होगा जिससे सरकार के बदलने पर उसके उपयोग करने में कोई समस्या या विवाद न हो।
रघुवर सरकार के समय दिए गए थे टैबः
रघुवर सरकार के समय लगभग 34 हजार शिक्षकों को दिए गए टैब के खोलने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास का वीडियो आता था। बाद में नई सरकार बनने पर भी उक्त टैब के खोलने पर रघुवर दास का वीडियो आने पर विवाद होने लगा।
तत्कालीन शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने टैब के प्रयोग पर तत्काल रोक लगाने की बात कही थी। हालांकि, विभाग स्तर से इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। दूसरी तरफ, टैब से उक्त वीडियो हटाने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन टैब में इन बिल्ड वीडियो अपलोड होने से उसे हटाया नहीं जा सका। वर्तमान स्थिति यह है कि इन सभी टैब में अधिसंख्य खराब हो चुके हैं।
फरवरी के पहले सप्ताह में मिल सकता है टैबः
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने टैब की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया इस बार पूरी कर ली है। बताया जाता है कि टैब की आपूर्ति की जिम्मेदारी सिबिन लर्निंग को दी गई है। टैब की आपूर्ति जिला स्तर पर की जाएगी।
इस माह के अंत तक या फरवरी के पहले सप्ताह में 29 हजार शिक्षकों को टैब मिल सकता है। इसे लेकर राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित हो सकता है।
उपस्थिति दर्ज करेंगे और रिपोर्ट भेजेंग शिक्षकः
शिक्षकों को टैब देने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इसके माध्यम से शिक्षक उपस्थिति बना सकें। साथ ही स्कूलों से संबंधित रिपोर्ट इसके माध्यम से विभाग और झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को भेजी जा सके। इसके लिए इसमें ई -विद्यावाहिनी तथा जे गुरुजी ऐप अपलोड किए गए हैं।
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