रांची : डुमरी विधानसभा उपचुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज है। उपचुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन गुरुवार को इंडिया प्रत्याशी बेबी देवी और एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी ने नामांकन किया। बेबी देवी के नामांकन के मौके पर जहां झामुमो विधायक मथुरा महतो, विधायक जयमंगल सिंह, योगेंद्र महतो, सुदिव्य कुमार सोनू, सरफराज अहमद और माले विधायक बिनोद सिंह अनुमंडल कार्यालय पहुंचे। वहीं, यशोदा देवी के नामांकन में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो, पूर्व सांसद रवींद्र राय, विधायक रणधीर सिंह, नारायण दास और डुमरी के भाजपा नेता प्रदीप सिंह पहुंचे।
मौके पर सुदेश ने कहा कि इस बार डुमरी की जनता राज्य सरकार के गलत नीतियों और लचर व्यवस्था के खिलाफ वोट कर एनडीए गठबंधन को जिताएगी। इधर, बेबी देवी के नामांकन करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनके पक्ष में एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समस्त राज्यवासियों के आशीर्वाद से जब सरकार बनी तभी कोरोना जैसी महामारी से पूरे विश्व के साथ झारखंड भी गिरफ्त में आ गया। टाइगर जगरनाथ महतो उस भीषण समय में भी बिना रुके, बिना थके काम करते रहे। हमने उनसे कई बार आग्रह भी किया कि कोरोना में सावधानी रखिए।
पर लोगों की सेवा करने की लगन को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता दी, हमारी एक न सुनी। दिन-रात लोगों की सेवा करते हुए जगरनाथ महतो अमर हो गए। इस उपचुनाव में तीर-धनुष पर बटन दबाकर, बेबी देवी को विजयी बना, हमें अमर जगरनाथ दा को सच्चा सम्मान देना है। भाजपा और आजसू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों का काम सिर्फ फूट डालो और राज करो करना है। यह लोग सिर्फ डर और भय की राजनीति करना जानते हैं। लोगों को आपस में लड़ाकर ही यह अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते हैं। इन्हें झारखंडवासियों से कोई सरोकार नहीं है, इन्हें प्यार है तो सिर्फ सत्ता से। येन-केन प्रकारेण यह सिर्फ उसी के लिए षड्यंत्र रचते रहते हैं।
हेमंत ने कहा कि आज मैं आपको कोई उपलब्धि गिनाने नहीं आया हूं। राज्य के लाखों जरूरतमंदों को उनका हक-अधिकार मिल रहा है वही मेरी उपलब्धि है। और इसी कार्य में मैं निरंतर लगा हुआ हूँ। आज गांव-गांव में बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग आदि को हर महीने पेंशन की राशि मिल रही है। पहले कभी भी अधिकारी आपके गांव, आपको अधिकार देने नहीं आते थे। हमने अधिकारियों को आपको अधिकार देने के लिए आपके पास भेजा। हम राज्य को व्यवस्थित ढंग से आगे ले जा रहे हैं। डुमरी उपचुनाव को लेकर इंडिया और एनडीए के नेताओं के बयान चाहे जो हों लेकिन इसमें कोई दो मत नहीं है कि डुमरी उपचुनाव कई मायनों में दिलचस्प होने जा रहा है।
एक तो इस उपचुनाव से जहां बाबूलाल मरांडी की नेतृत्व क्षमता की परीक्षा होगी वहीं यह भी पता चल जायेगा आजसू और भाजपा का साथ आना दोनों पार्टियों के लिए कितना फायदेमंद होता है। रामगढ़ उपचुनाव में आजसू और भाजपा साथ मिलकर लड़े तो आजसू उम्मीदवार यहां से सीट निकालने में सफल रहा था। यह चुनाव हेमंत सरकार के लिए भी लिटमस टेस्ट होगा। इससे पता चलेगा कि राज्य के लोग गठबंधन की सरकार के कार्यों से कितने खुश हैं। इससे यह भी पता चलेगा कि एआइएमआइएम के उम्मीदवार को मुस्लिम मतदाताओं का कितना साफ मिलता है। वहीं जयराम महतो का दमखम कितना है इसका भी अंदाजा हो जायेगा। चुनाव इसका भी फैसला करेगा कि क्षेत्र में जगरनाथ महतो के पक्ष में सहानुभूति की लहर बही या नहीं।
इंडिया प्रत्याशी बेबी देवी झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री दिवंगत जगरनाथ महतो की पत्नी हैं। उन्होंने तीन जुलाई को मंत्री पद की शपथ ली है। बेबी देवी की चार पुत्रियां और एक पुत्र है। इनमें सबसे बड़ी सुनीता देवी हैं। उनके बाद रीना देवी, पूनम देवी और गीता देवी हैं। चारों की शादी हो चुकी है।
बेबी देवी की पहचान एक कुशल गृहिणी के रुप में है। हालांकि कई अवसरों पर वह जगरनाथ महतो के साथ पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होती थीं। जगरनाथ महतो के निधन के बाद वह बीते ढाई महीनों से डुमरी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती रही हैं। बेबी देवी का मायका टुंडी विधानसभा के गोमो स्थित जीतपुर में है।
वहीं, यशोदा देवी झारखंड आंदोलनकारी दिवंगत दामोदर महतो की पत्नी हैं। दामोदर महतो अविभाजित बिहार में जदयू के नेता थे। यशोदा देवी 2019 में भी आजसू के टिकट पर इस सीट से लड़ चुकी हैं और दूसरे स्थान पर रही थीं। वह डुमरी की प्रमुख रह चुकी हैं और वर्तमान में पंचायत समिति सदस्य हैं। बताते चलें कि डुमरी विधानसभा उपचुनाव पांच सितंबर को होगा। चुनाव के नतीजे आठ सितंबर को आयेंगे। डुमरी में कुल मतदाताओं की संख्या 2,98629 है। इसमें 1,54452 पुरुष और 144174 महिला मतदाता हैं। डुमरी उपचुनाव के लिए नाम वापसी की आखिरी तिथि 21 अगस्त है।








