IAS office:
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में साइबर ठगों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि अब वे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष रंजन के नाम पर ठगी का है।
जालसाजों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक मैसेंजर के जरिए खुद को मनीष रंजन बताकर एक व्यक्ति से संपर्क किया। उन्होंने झांसा दिया कि उनका एक मित्र, जो सीआरपीएफ में कमांडेंट है, दूसरी जगह ट्रांसफर हो गया है और वह टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और फर्नीचर जैसी चीजें 95 हजार रुपये में बेचना चाहता है।
सीआरपीएफ कमांडेंट संतोष कुमार ने बताया
इसके बाद ठग ने दिए गए मोबाइल नंबर (6201501841) से व्हाट्सएप पर बातचीत की और खुद को सीआरपीएफ कमांडेंट संतोष कुमार बताया। अपनी पहचान पक्की करने के लिए उसने व्हाट्सएप डीपी में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पुरस्कार लेते हुए एक अफसर की तस्वीर लगाई थी।
ठग ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए दूसरे नंबर (9918451546) पर भुगतान करने को कहा। मगर, सतर्कता दिखाते हुए पीड़ित व्यक्ति ने सीधे आईएएस मनीष रंजन से संपर्क कर सच्चाई का पता लगाया और ठगी से बच गया।
मनीष रंजन ने किया आम लोगों को सावधान
मनीष रंजन ने इस घटना की जानकारी देते हुए आम लोगों को सावधान किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के साइबर अपराधी कई लोगों को निशाना बना चुके हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या डील पर विश्वास करने से पहले सत्यापन जरूरी है।पुलिस और साइबर सेल से भी अनुरोध किया गया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करें ताकि लोगों को ठगे जाने से बचाया जा सके।
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