दुर्गा पूजा से पहले संपन्न हो जायेगा विधानसभा चुनाव [Assembly elections will be completed before Durga Puja]

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सितंबर के आखिरी और अक्टूबर के पहले सप्ताह में हो सकता है इलेक्शन

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव समय से पहले हो सकता है। चुनाव दुर्गा पूजा से पहले समाप्त करने की तैयारी चल रही है।

इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग बीते एक महीने से वोटर्स वेरिफिकेशन सहित दूसरे जरूरी काम निपटाने में लगा है।

इस बीच केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम बुधवार से झारखंड में है और तैयारियों का जायजा ले रही है।

केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम ने आज पतरातू के लेक रिजॉर्ट में बैठक की। बैठक में राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त सह निर्वाचन पदाधिकारी शामिल रहे।

टीम में सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर धर्मेंद्र शर्मा, नितेश व्यास, प्रधान सचिव अरविंद आनंद और अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

दो चरणों में चुनाव की तैयारीः

जानकारी के मुताबिक, इस बार झारखंड में दो चरणों में चुनाव कराने की तैयारी आयोग कर रहा है। तैयारियां इसी को लेकर चल रही हैं।

संभावना है कि पहले चरण का चुनाव सितंबर के अंतिम सप्ताह और दूसरे चरण का चुनाव अक्टूबर के पहले सप्ताह में हो सकता है। इस तरह आयोग प्रयास में है कि विधानसभा चुनाव दुर्गा पूजा से पहले समाप्त हो जाएं।

चुनाव लंबा नहीं खींचने की कोशिशः

जानकारी मिल रही हैं कि आयोग इस बात की कोशिश में है कि विधानसभा चुनाव बहुत लंबा न खींचे। उसे अधिकतम दो चरणों में करा लिया जाए।

यही वजह है कि वोटर वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। आयोग ने मतदाता सूची के प्रारूप के प्रकाशन की तारीख भी 25 जुलाई तय कर रखी है।

वहीं वोटर लिस्ट के लास्ट नोटिफिकेशन की तारीख 19 अगस्त तय है। बता दें कि झारखंड में 2014 और 2019 में हुए विधानसभा चुनाव पांच-पांच चरण में हुए थे।

रांची में केंद्रीय टीम ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक की है।

आयोग की टीम ने राज्य में चल रही मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रविकुमार ने कई जानकारियां केंद्रीय टीम को दी।

वहीं राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी एमवी होमकर ने विधि-व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने टीम को बताया कि किस तरह लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में विधि-व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे।

2019 में भाजपा ने 12 सीटें गंवाईं थी

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को 12 सीटों का नुकसान हुआ था। जबकि महागठबंधन को 21 सीटों का फायदा हुआ था।

2014 में भाजपा को पांच चरणों में हुई वोटिंग में 37 सीटें मिली थीं। 2019 में 25 सीटें मिलीं। 2014 में जेएमएम के खाते में 19 सीटें आई थीं, जबकि 2019 में 30 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज की थी।

2014 में कांग्रेस ने 5 चरणों में 6 सीटें हासिल कीं, 2019 में 16 सीटें जीतीं। वहीं राजद को एक सीट पर जीत मिली थी। हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनी थी।

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