Aman Saw encounter case: अमन साव एनकाउंटर केस में हाईकोर्ट ने कहा- सात महीने में FIR दर्ज न होना दुर्भाग्यपूर्ण, ऑनलाइन शिकायत जल्द रजिस्टर हो

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Aman Saw encounter case:

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगस्टर अमन साव एनकाउंटर मामले में बड़ा निर्देश जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार से कहा है कि अमन की मां किरण देवी की ओर से दर्ज की गई ऑनलाइन एफआईआर को तुरंत रजिस्टर किया जाए। कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि सात महीने से लगातार प्रयासों के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है।हाईकोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह “दुर्भाग्यपूर्ण” है कि इतनी गंभीर शिकायत पर पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2013) के जजमेंट के तहत किसी भी संज्ञेय अपराध की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है।

अधिवक्ता ने यह बताया:

राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि सीआईडी ने पहले ही अमन साव के एनकाउंटर को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज की है और परिजनों की शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच भी उसी में की जा रही है। इस पर कोर्ट ने असहमति जताई और कहा कि अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा सकती हैं, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।

किरण देवी ने अपनी याचिका में कहा था:

कोर्ट ने राज्य सरकार को ऑनलाइन एफआईआर की स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।
किरण देवी ने अपनी याचिका में कहा था कि अक्टूबर में उनके बेटे अमन साव को चाईबासा जेल से रायपुर ले जाया गया था। उस दौरान सुरक्षा के लिए पहले 75 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती थी, लेकिन इस बार केवल 12 एटीएस कर्मियों की टीम थी। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि यह पूरी तरह साजिश थी और पुलिस ने पूर्व नियोजित तरीके से एनकाउंटर किया।अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले में जांच की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

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