Delhi intensifies:
रांची। झारखंड कांग्रेस के सभी जिलाध्यक्ष बदलनेवाले हैं। नये जिलाध्यक्षों के दावेदारों की दिल्ली दौड़ भी शुरू हो गई है। इधर, नये अध्यक्षों के चयन के लिए हर जिले में पर्यवेक्षकों को भेजा गया है, जो छह-छह नामों की अनुशंसा करेंगे। इन्हीं नामों में से किसी एक को नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा।
अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान के हाथ में होगा। फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, उनके अनुसार प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं को इस चयन प्रक्रिया से दूर रखने की कोशिश हो रही है। हालांकि कुछ जिलों में पारंपरिक ढर्रे पर ही काम हुआ है, जिससे वहां परिवारवाद और जातिवाद की छाया भी देखने को मिल सकती है।
Delhi intensifies: सामाजिक संतुलन पर फोकसः
राज्य के 24 जिलों और एक नगर कांग्रेस में अध्यक्ष बदले जाने हैं। इसमें खास तौर पर नए और युवा चेहरों को मौका देने की रणनीति है। साथ ही सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के नेताओं को प्रमुखता देने का फैसला पहले ही हो चुका है।
Delhi intensifies: 50 फीसदी अध्यक्ष रिजर्व कोटि सेः
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 50% से अधिक जिलों में अध्यक्ष पद इन वर्गों के हिस्से में जाएगा। सिर्फ 4-5 जिलों में ही सवर्ण नेताओं को यह जिम्मेदारी मिल सकती है।
Delhi intensifies: वित्त मंत्री के बेटे व पूर्व मंत्री के करीबी के बाच रेसः
पलामू जिले में अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला बेहद रोचक है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के पुत्र प्रशांत किशोर के नाम की चर्चा तेज है और पर्यवेक्षकों ने कथित तौर पर उनके नाम पर सहमति जताई है। वहीं, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी के करीबी विवेकानंद त्रिपाठी भी दौड़ में बताए जा रहे हैं।
Delhi intensifies: रांची में कुमार राजा और राकेश किरण रेस मेः
रांची जिले को लेकर अब तक चुप्पी बनी हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय की पसंद डॉ. कुमार राजा बताए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष डॉ. राकेश किरण महतो को एक और मौका देने की मांग कुछ विधायकों और स्थानीय नेताओं द्वारा की जा रही है।
Delhi intensifies: धनबाद, बोकारो में वरिष्ठ नेताओं का प्रभावः
धनबाद में वरिष्ठ नेता जलेश्वर महतो की पसंद को तरजीह मिलने की संभावना जताई जा रही है। बोकारो सहित अन्य जिलों में भी बड़े नेताओं का हस्तक्षेप दिख सकता है। कांग्रेस अब संगठन सृजन कार्यक्रम को पंचायत स्तर तक ले जा रही है। प्रदेश प्रभारी के. राजू खुद इस मुहिम की अगुवाई कर रहे हैं। 15 से 21 सितंबर तक वे लगातार अलग-अलग जिलों में पंचायत स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। इन बैठकों में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी शामिल रहेंगे। इन कार्यक्रमों के ज़रिए पार्टी भविष्य का नेतृत्व तैयार करना चाहती है।









