State Employees Health Insurance Scheme
रांची। राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभुकों को अब इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नए बीमा वर्ष से योजना में बड़ा सुधार करते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है कि सूचीबद्ध किसी भी अस्पताल में उपलब्ध सभी रोगों का इलाज एक ही स्थान पर होगा। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी ने नया टेंडर आमंत्रित किया है।
इस संबंध में शुक्रवार को नामकुम स्थित निदेशालय भवन में प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने की। बैठक में शामिल विभिन्न बीमा कंपनियों द्वारा उठाई गई शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्री-बिड से जुड़े प्रश्नों और उनके समाधान को तीन दिनों के भीतर सोसाइटी की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा।
लाभुकों की शिकायतों के बाद नई व्यवस्था
छवि रंजन ने बताया कि राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना वर्ष 2025 में लागू की गई थी, लेकिन योजना के संचालन के दौरान यह शिकायत सामने आ रही थी कि एक ही सूचीबद्ध अस्पताल में सभी रोगों का इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
देश के 237 अस्पताल सूचीबद्धता के लिए चिह्नितः बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य से बाहर देशभर में 237 अस्पतालों को सूचीबद्धता के लिए चिन्हित किया गया है।
इसके साथ ही चयनित बीमा कंपनी के लिए 12 प्रमुख अस्पतालों को अनिवार्य रूप से सूचीबद्ध करना जरूरी होगा, जहां वास्तविक दरों पर बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जाएगा। इन प्रमुख अस्पतालों में सीएमसी वेल्लोर, शंकर नेत्रालय, नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज, एआईजी हैदराबाद, टाटा ग्रुप के सभी अस्पताल, आईएलबीएस नई दिल्ली, अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई, मेदांता गुड़गांव, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, नारायण हेल्थ बेंगलुरु और बीएम बिरला अस्पताल शामिल हैं।












