IIM Ranchi:
रांची। आईआईएम रांची ने 2025 के मिड-टर्म एग्जाम सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। अब से मिड-टर्म परीक्षाओं के बजाय छात्रों का मूल्यांकन AI आधारित बिजनेस प्रोजेक्ट्स के जरिए किया जाएगा। इस पहल को “Y” नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है “Working with AI” प्रोजेक्ट। यह कदम छात्रों को केवल किताबी ज्ञान से हटकर, प्रैक्टिकल और तकनीकी ज्ञान पर फोकस करने के लिए उठाया गया है।
“Working with AI (Y)” प्रोजेक्ट की विशेषताएं:
इस प्रोजेक्ट के तहत छात्रों को लिखित परीक्षा की बजाय बिजनेस केस स्टडी प्रोजेक्ट्स दिए जाएंगे। केस स्टडी वास्तविक जीवन से जुड़ी हो सकती है, जिसे AI टूल्स की मदद से हल करना होगा। छात्रों को अपनी सोच और AI टूल्स का सही उपयोग करते हुए केस को सॉल्व करना होगा। प्रोजेक्ट के बाद, छात्रों का मूल्यांकन उनकी तार्किक, नैतिक और प्रैक्टिकल सोच के आधार पर किया जाएगा।
IIM रांची की नई दिशा:
आईआईएम रांची के डायरेक्टर ने बताया कि अब छात्रों को केवल AI की जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें यह सिखाया जाएगा कि AI के साथ कैसे काम किया जाए। बता दें यह बदलाव इंडस्ट्री की बढ़ती मांग के अनुसार किया गया है, जहां AI का महत्वपूर्ण योगदान बढ़ता जा रहा है।
फाइनल एग्जाम्स में कोई बदलाव नहीं:
यह बदलाव केवल मिड-टर्म परीक्षा सिस्टम में किया गया है। फाइनल एग्जाम्स अब भी पारंपरिक पेन-पेपर मोड में होंगे। हाइब्रिड लर्निंग के माध्यम से छात्रों में थ्योरी, क्रिएटिव थिंकिंग और तकनीकी ज्ञान का संतुलित विकास होगा।
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