रांची। झारखंड में बदल रहे मौसम के देखते हुए बिरसा कृषि विवि के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सावधान रहने की सलाह दी है।
सब्जियों की फसलों से जल निकासी की उचित व्यवस्था करने तथा पशुओं को खुले में नहीं रखने की सलाह दी गयी है।
किसी भी तरह का दवा का छिड़काव मौसम साफ रहने की स्थिति में ही करें। रबी की जो भी फसल कट चुकी है, उसे सुरक्षित जगह पर रखें तथा साफ मौसम को देखते हुए उसकी अविलंब तैयारी कर लें।
गरमा धान के लिए खेतों में जल जमाव रखने के लिए मेड़ को दुरुस्त करें। आम में अगर फुदका कीट का प्रकोप दिखायी दे, तो फॉस्फैमिडोन 40 प्रतिशत एसएल 0.5 मिली/लीटर या डाइमेथोएट 30 प्रतिशत दो मिली/लीटर का छिड़काव फूलों की आरंभिक अवस्था के दौरान करें।
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