I.N.D.I.A. की मुश्किल बढ़ा रहे JMM के बागी; सीता, चमरा और लोबिन के बाद जयप्रकाश ने भी पकड़ी अलग राह

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा में बागियों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक तीन मौजूदा और एक पूर्व विधायक ने पार्टी से बगावत कर अलग राह पकड़ ली है। इनमें विधायक सीता सोरेन, लोबिन हेंब्रम, चमरा लिंडा और पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा शामिल हैं।

सबसे पहले सोरेन परिवार की बड़ी बहू सीता सोरेन ने परिवार और पार्टी दोनों को ही छोड़ दिया और बीजेपी का दामन थाम लिया। अब दुमका संसदीय चुनाव में बीजेपी की प्रत्याशी हैं और झामुमो के नलिन सोरेन को टक्कर दे रही हैं।

उनके बगावती तेवर तो गाहे बगाहे दिखते ही रहे थे, पर हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद वह ज्यादा मुखर हो गई थीं। फिर ऐन लोकसभा चुनाव के समय उन्होंने अपने बगावती तेवर दिखा दिये।

वह झामुमो और सोरेन परिवार में अपनी उपेक्षा से नाराज थीं। वह अपनी बेटियों के भविष्य का हवाला दे रही थीं। फिर अंततः उन्होंने पार्टी और परिवार दोनों से ही किनारा कर लिया।

वहीं, संथाल परगना के राजमहल में पहले से ही बागी तेवर अपना रखे झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने पूरी तरह बगावत कर दी है और चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है।

यहां वह झामुमो के मौजूदा सांसद विजय हांसदा को टक्कर देंगे। लोबिन हेंब्रम पिछले डेढ़ दो साल से पार्टी की नीतियों को लेकर सवाल उठा रहे थे। हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद उनके द्वारा निकाली गई अन्याय यात्रा के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं से उनकी झड़प भी हो गई थी।

लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद उन्होंन विजय हांसदा को टिकट दिये जाने का विरोध किया था। कहा था विजय हांसदा से लोग नाराज हैं, इसलिए उन्हें टिकट दिया जाये। पर अंततः टिकट विजय हांसदा को ही मिला, तब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।

उधर, झामुमो विधायक चमरा लिंडा ने भी पार्टी से बगावत करते हुए लोहरदगा लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। वह निर्दलीय चुनाव लड़ेगे और इंडिया गठबंधन के कांग्रेस उम्मीदवार सुखदेव भगत की राह मुश्किल करेंगे।

दरअसल, चमरा लिंडा ने पिछले दो लोकसभा चुनाव से मौजूदा सांसद बीजेपी के सुदर्शन भगत को कड़ी टक्कर दे रखी थी। सुदर्शन भगत काफी कम अंतर से विजयी हुए थे।

संभवतः इसीलिए इस बार उनका टिकट भी कटा है। इस बार चमरा लिंडा को पूरा यकीन था कि पार्टी उन्हें टिकट देगी।। पर यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई और झामुमो कुछ कह भी नहीं सका। इससे नाराज चमरा निर्दलीय चुनाव मैदान में तर गये।

कुछ ऐसा ही कोडरमा में भी हुआ है। बीते बुधवार को कोडरमा लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गांडेय के पूर्व विधायक सह झामुमो के बागी नेता जयप्रकाश वर्मा ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है।

इसके पहले वह अपने सैंकड़ो समर्थकों के साथ शहर के सर्कस मैदान से निकले और शहर भ्रमण करते हुए जिला परिषद के निकट रीतलाल वर्मा चौक पहुंचे और स्व रीतलाल प्रसाद वर्मा के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।

उसके बाद वे समर्थकों के साथ समाहरणालय पहुंचे, जहां जिला निवार्चन पदाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के समक्ष उन्होंने नामाकनं पर्चा भरा।

नामांकन पर्चा भरने के बाद जयप्रकाश वर्मा मीडिया से कहा कि कोडरमा लोकसभा की जनता बदलाव चाहती है और वे जनता के कहने पर ही चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें सर्वसमाज का समर्थन मिल रहा है।

बता दें कि जयप्रकाश वर्मा इस सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे। उन्होंने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रखी थी। पर ये सीट भी इंडिया गठबंधन के समझौते में वाम दल के खाते में चली गई।

विनोद सिंह यहां इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार हैं। अब जयप्रकाश वर्मा उनकी राह मुश्किल बनायेंगे।

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