Abua government:
रांची। हेमंत सोरेन सरकार के एक साल पूरा होने पर बीजेपी ने आरोप पत्र जारी किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक नवीन जायसवाल और आदित्य साहू ने संयुक्त रूप से आरोप पत्र जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं बल्कि ठगुआ सरकार है।
घोषणापत्र बना धोखा पत्रः
बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार का घोषणा पत्र दिखाते हुए कहा कि सरकार अपने वायदे पर पूरी तरह फेल है।
बीते पांच साल और इस साल के कार्यकाल के दौरान सरकार ने जनता को धोखा ही दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने घोषणापत्र के सात बिंदुओं में से एक भी पूरा नहीं कर सकी।
चल रहा धर्मांतरण का खुला खेलः
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार अपनी घोषणापत्र में सांस्कृति संरक्षण की बात कहती है और इधर चंगाई सभा और प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है।
अबुआ सरकार में आदिवासी सर्वाधिक पीड़ितः
उन्होंने कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा कोई पीड़ित हुआ है तो वह आदिवासी ही हैं। कहा कि हेमंत सरकार ने सभी परिवार को 7 किलो अनाज हर माह देने की बात कही थी, आज तक यह अनाज नहीं पहुंचा। पांच किलो अनाज तो केंद्र सरकार दे रही है।
इनकी घोषणाओं के लाभ की जानकारी हमें भी मिलती है। संथाल के जिस क्षेत्र से सीएम आते हैं, जनता वहीं सबसे ज्यादा प्रभावित है। जिस अबुआ सरकार ने संथाल को आदिवासियों को सर्वाधिक उम्मीद थी, वहीं लोग आज भी प्रभावित हैं।
गठबंधन पर भी उठाये सवालः
भाजपा नेताओं ने कहा कि बिना विचार और सिद्धांत का गठबंधन आज राज्य को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल रहा है। बालू, पत्थर, जमीन और कोयले की लूट खुलकर हो रही है, जबकि आम आदमी महंगाई और अव्यवस्था से परेशान है। बीजेपी का आरोप है कि सरकार के संरक्षण में कोयले का अवैध उत्खनन बढ़ा है और बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं।
कानून व्यवस्था चरमराईः
भाजपा ने दावा किया कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में अपराधी खुलेआम घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। आदिवासी समाज सबसे ज्यादा प्रताड़ित है और जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा के नाम पर सरकार ने केवल लूट की स्थितियां पैदा की हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, दलितों, पिछड़ों सभी वर्गों से वादाखिलाफी की है।



