Dahre Sohrai:
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में 16 अक्टूबर को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘डहरे सोहराय’ का आयोजन होगा। इसमें झारखंड की पारंपरिक सोहराय संस्कृति की झलक दिखेगी। बहुभाषी झारखंड कला संस्कृति मंच के द्वारा इसका आयोजन किया जा रहा है। मंच के प्रतिनिधि विकास महतो ने मीडिया को बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सोहराय संस्कृति को बचाये रखना और इसे विशिष्ट पहचान दिलाना है। इसका उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना, स्थानीय कलाकारों को मंच देना और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना भी है।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणः
- GI टैग प्राप्त सोहराय पेंटिंग की प्रदर्शनी
- लोकगीत और पारंपरिक नृत्य का जीवंत प्रदर्शन
- स्थानीय कलाकारों का सांस्कृतिक मंचन
- हस्तशिल्प, पारंपरिक वाद्ययंत्र और पारंपरिक वस्त्रों की प्रदर्शनी
कार्यक्रम की विशेष बातें: - स्थान और यात्रा मार्ग: समारोह की पदयात्रा मोरहाबादी मैदान से प्रारंभ होकर पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ जयपाल सिंह स्टेडियम तक जाएगी।
- समय: प्रतिभागी दोपहर 12 बजे मोरहाबादी मैदान में एकत्र होंगे और पदयात्रा दोपहर 2 बजे शुरू होगी।
- प्रदर्शनी: स्टेडियम में प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा, जो रात 10 बजे तक जारी रहेगी।
नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिशः
इस कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड की प्रकृति, पशुपालन, कृषि जीवनशैली और समुदायिक एकता पर आधारित सोहराय संस्कृति को नाटकीय और जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक धरोहर से सीधे जुड़ सके।
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