1300 किमी पैदल चलकर राष्ट्रपति तक पहुंचा धनबाद का एक भाई

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बहन की मौत का मांग रहा इंसाफ

धनबाद। किसी भाई का अपनी बहन के प्रति ऐसा अनुराग और स्नेह शायद ही देखने को मिले। बहन की आत्महत्या के जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के लिए एक भाई ने धनबाद से दिल्ली तक 1300 किमी की पैदल यात्रा की। इसमें उसे 32 दिन लगे। इस भाई का नाम रघनंदन बाउरी है। आत्महत्या कर चुकी उसकी चचेरी बहन का नाम उषा कुमारी था। मामला धनबाद के तेतुलमारी से जुड़ा है। जहां इसी साल 10 जुलाई को उषा कुमारी नाम की 10वीं की छात्रा को टीचर ने अपमानित करते हुए उसे थप्पड़ मार दिया था।

अपमानित होकर छात्रा ने दे दी थी जान

अपमान से आहत छात्रा जब ये शिकायत लेकर स्कूल की प्रिंसिपल के पास गयी, तो उन्होंने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। इन सबसे दुखी होकर छात्रा ने घर आकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की शिकायत धनबाद डीसी से की थी। लेकिन उनको न्याय नहीं मिला। बस न्याय का आश्वासन ही मिलता रहा। छात्रा धनबाद के संत जेवियर स्कूल में पढ़ती थी।  बताया जाता है कि छात्रा उस दिन बिंदी लगाकर स्कूल पहुंची थी। इसी से टीचर को गुस्सा आ गया।

राष्ट्रपति ने दिया कार्रवाई का आदेश

इस बात से छात्रा का चचेरा भाई रघुनंनद इस कद्र मर्माहत हुआ कि उसने तेतुलमारी से पैदल चलकर दिल्ली जाने औऱ राष्ट्रपति से मिलने की ठान ली। फिर 32 दिन लगातार पैदल चलकर वो दिल्ली पहुंचा औऱ राष्ट्रपति के कार्यालय में अपनी अर्जी दाखिल की। रघुनंदन तेतुलमारी से 13 सितंबर को पैदल चला औऱ 14 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचा। इस दौरान उसने 1300 किमी की दूरी तय की। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उसकी ऑनलाइन बात हुई।

राष्ट्रपति मुर्मू ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया औऱ इस बाबत झारखंड के प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के अफसर आसिफ हसन को कार्रवाई करने का आदेश दिया। इससे छात्रा के परिवार में न्याय मिलने की आस जगी है।

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