NRHM Scam Dhanbad: 9.39 करोड़ की अवैध निकासी मामले में प्रमोद सिंह से ACB करेगी सवाल-जवाब

Anjali Kumari
3 Min Read

NRHM Scam Dhanbad

रांची। झारखंड के धनबाद जिले से जुड़े 9.39 करोड़ रुपये के एनआरएचएम (NRHM) घोटाले में गिरफ्तार आरोपी प्रमोद सिंह से अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) गहन पूछताछ करेगी। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पहले से प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार प्रमोद सिंह रांची की होटवार जेल में बंद था। शुक्रवार को एसीबी ने ईडी की विशेष अदालत से रिमांड की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

ACB रिमांड के बाद तेज होगी जांच

अदालत से रिमांड मिलने के बाद एसीबी ने आदेश की प्रति जेल प्रशासन को सौंप दी है। एसीबी सूत्रों के अनुसार, NRHM Scam Dhanbad मामले में जांच लगभग अंतिम चरण में है और प्रमोद सिंह से पूछताछ के बाद जल्द चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों पर भी सवाल किए जाएंगे।

ED पहले कर चुकी है कार्रवाई

एनआरएचएम घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच ईडी कर रही है। इसी सिलसिले में ईडी ने पहले प्रमोद सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी और बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ईडी ने इस मामले में प्रमोद सिंह, उसकी पत्नी प्रिया सिंह और पिता आदित्य नारायण सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर तीनों को आरोपी बनाया है।

कैसे हुआ 9.39 करोड़ का घोटाला

जांच में सामने आया है कि प्रमोद सिंह धनबाद के झरिया और जोड़ापोखर में ब्लॉक अकाउंट्स मैनेजर के पद पर तैनात था। उसका मासिक वेतन करीब 17 हजार रुपये था। आरोप है कि उसने तत्कालीन चिकित्सा पदाधिकारी शशिभूषण प्रसाद (अब मृत) के साथ मिलकर सरकारी स्वास्थ्य खातों से 9.39 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की।

निजी खातों में किया गया ट्रांसफर

एसीबी जांच के अनुसार, प्रमोद सिंह ने निकाली गई राशि में से करीब 3.95 करोड़ रुपये अपने एसबीआई और पीएनबी खातों में ट्रांसफर किए, जबकि उसकी पत्नी प्रिया सिंह के खाते में 10 लाख रुपये जमा कराए गए। रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ को इस हाई-प्रोफाइल घोटाले की कड़ियां जोड़ने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

Share This Article