Girl locked in the classroom:
चान्हो। रांची जिले के चान्हों प्रखंड स्थित बरहे गांव के राजकीय मध्य विद्यालय में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। विद्यालय में कक्षा एक में अध्ययनरत पांच वर्षीय छात्रा निशिता कुमारी छुट्टी के बाद स्कूल के एक कक्ष में बंद रह गई। यह घटना दोपहर लगभग 3 बजे की है, जब स्कूल में छुट्टी होने के बाद सभी कमरों में ताले लगा दिए गए थे।
करीब दो घंटे बाद कुछ बच्चे, जो बकरी चरा रहे थे, ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी। जब उन्होंने खिड़की से अंदर झांका तो देखा कि कक्षा में बंद एक बच्ची रो रही है। इसकी सूचना ग्रामीणों और परिजनों को दी गई। ग्रामीणों ने जब स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य गन्ना उरांव को फोन किया तो उनका जवाब था, “बच्ची ठीक है न, मर तो नहीं गई?” सूचना के बावजूद प्रधानाचार्य स्कूल नहीं पहुंचे।
Girl locked in the classroom:ग्रामीणों ने तोड़ दी ग्रिलः
बाद में ग्रामीणों की सहायता से कक्षा की ग्रिल तोड़ी गई और बच्ची को बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया। निशिता की जुड़वां बहन मीनाक्षी भी उसी विद्यालय में पढ़ती है। बच्ची के पिता मुनेश गोप ने बताया कि छुट्टी के बाद मीनाक्षी तो घर लौट आई थी, लेकिन निशिता के नहीं पहुंचने पर पूरा परिवार चिंतित हो गया। वे दो घंटे तक पूरे गांव में उसे ढूंढते रहे।
Girl locked in the classroom:बच्चों ने ताला लगाया थाः प्राचार्य
प्रधानाचार्य गन्ना उरांव ने अपनी सफाई में कहा कि छुट्टी के बाद बच्चों ने स्वयं कक्षा को ताला लगाया था और किसी ने यह नहीं देखा कि कोई बच्चा अंदर रह गया है। उन्होंने इस चूक को बच्चों की भूल बताया। यह घटना स्कूल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है, जिससे एक मासूम बच्ची की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।
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