रांची। केन्द्र सरकार ने झारखंड में संचालित सभी 2551 लघु आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में अपग्रेड कर दिया है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि झारखंडवासियों की मांग को पूरा करते हुए केन्द्र ने यह जनकल्याणकारी फैसला लिया है और मंत्रालय ने फैसले की जानकारी झारखंड सरकार को दे दी है। इन 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों के मुख्य केंद्र में उन्नयन से यहां अनेक सुविधाओं में वृद्धि हो जाएगी।
केन्द्र सरकार ने बढ़ाईं सुविधाए
• मुख्य आंगनबाड़ी केंद्र में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ एक आंगनबाड़ी सहायक की भी नियुक्ति होगी, जिसे 2250 रु./माह मानदेय दिया जाएगा।
• आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मानदेय में 1000 रु./माह की बढ़ोतरी हो जाएगी और यह 3500/माह से बढ़कर 4500/माह हो जाएगा।
• नवनियुक्त सहायक को वर्दी खर्च के रूप में प्रतिवर्ष 1000 रु. मिलेंगे।
• मेडिसिन किट के लिए प्रत्येक केन्द्र को प्रतिवर्ष 750 रु. के बजाए 1500 रु. मिलेंगे।
• उपकरण व फर्नीचर हेतु 5 वर्षों के लिए 7000 रु. के बजाए 10000 रु. मिलेंगे।
• प्रशासनिक खर्च के लिए भी प्रतिवर्ष 1000 रु. के बजाए 2000 रु. मिलेंगे।
हजारों महिलाओं और बच्चों को मिलेगा लाभ
इन 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेंगी, यहां अधिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी जिससे कार्य की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। इन सबका सीधा लाभ इन केन्द्रों से जुड़े हजारों बच्चे और महिलाओं को मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में केन्द्र की एनडीए सरकार की पहली प्राथमिकता है महिलाओं और बच्चों को सम्पूर्ण स्वास्थ्य, पौष्टिक आहार और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना।
इस क्रम में देशभर में संचालित 14 लाख आंगनबाड़ी केंद्र अहम भूमिका निभा रहे हैं। झारखंड के लोगों की मांग थी कि लघु केन्द्रों का उन्नयन किया जाए जिससे ये केन्द्र अधिक सुविधाजनक हो सकें, जिसे केन्द्र सरकार ने प्राथमिकता के साथ पूरा किया है।
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