Jharkhand JPSC officers
रांची। झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के 19 अधिकारियों को वर्ष 2025 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में प्रोन्नति नहीं मिल सकी। वर्ष समाप्त होने में अब एक दिन ही शेष है और यूपीएससी ने प्रोन्नति के लिए अब तक बैठक की तिथि तय नहीं की, जिससे इस साल प्रोन्नति की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में यूपीएससी बैठक बुला सकता है, लेकिन यह पूरी तरह आयोग के विवेक पर निर्भर करेगा।
आंकड़ों के अनुसार
आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर ईयर 2025 में झारखंड से आईएएस में प्रोन्नति के लिए 13 नई रिक्तियां सामने आने की संभावना है। ऐसे में 2024 और 2025 की कुल रिक्तियां 32 हो जाएंगी। पूर्व में यूपीएससी कई बार दो कैलेंडर ईयर की रिक्तियों को जोड़कर प्रोन्नति पर निर्णय लेता रहा है। यदि ऐसा हुआ, तो राज्य सरकार को 32 पदों के लिए तीन गुना यानी 96 अधिकारियों की सूची नए सिरे से यूपीएससी को भेजनी होगी।
प्रोन्नति में देरी के पीछे के कारण
प्रोन्नति में देरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। एक ओर सरकार स्तर पर लापरवाही हुई, वहीं कुछ मामलों के न्यायालय में लंबित (सब-ज्यूडिस) होने से प्रक्रिया अटक गई। तय समय पर 57 अधिकारियों (तीन गुना) की सूची यूपीएससी को नहीं भेजी जा सकी। अंततः सरकार ने दिसंबर के अंतिम दिनों में सूची भेजी, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और यूपीएससी बैठक तय नहीं कर सका।
गौरतलब है कि देश के 18 अन्य राज्यों में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को समय रहते आईएएस में प्रोन्नति मिल चुकी है, क्योंकि वहां सरकारों ने समय पर सूची भेजकर प्रक्रिया पूरी कर ली।







