नौकरी की चाह में 14 लोगों ने गंवाए डेढ़ करोड़ [14 people lost Rs 1.5 crore in search of job]

IDTV Indradhanush
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रांची एयरपोर्ट थाने में केस दर्ज

रांची। नौकरी के लोभ ने अब तक न जाने कितने लोगों के कितने रुपये डुबो दिये। फिर भी न डुबोने वाले कम हो रहे हैं और न ही उनसे रुपये ठगने वाले।

ये ठग ठगी के नित्य नये-नये हथकंडे अपना रहे हैं, जिनमें लोग फंसते चले जा रहे हैं। हाल ही में रांची में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है।

रांची एयरपोर्ट थाने में इसकी प्राथमिकी कराई गई है। मामला नौकरी के नाम पर 1.66 करोड़ रुपये की ठगी का है।

ठगों ने 14 अभ्यर्थियों को ठगा है। इसकी कहानी बतानी इसलिए भी जरूरी है, ताकि कोई और इन फरेबियों के जाल में न फंसे।

आकलैंड सिटी अस्पताल में लाख रुपये की नौकरी

ठगों ने यह ठगी न्यूजीलैंड के आकलैंड सिटी अस्पताल में मासिक एक लाख रुपये की नौकरी दिलाने के नाम पर की।

इनके मकड़जाल में फंसने वालों लोग गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र के हैं और फंसाने वाले भी यहीं के सोनमेर निवासी डा. मीना एस. गोप व उनका सहयोगी विजय शर्मा हैं।

दोनों के विरुद्ध पीड़ितों ने डीजीपी अनुराग गुप्ता को लिखित आवेदन देकर शिकायत की है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता गुमला के कुम्हारी निवासी विनेश कुमार साहू है।

नौकरी के लिए चार से 12 लाख रुपये तक की रिश्वत

विनेश के अनुसार वह डा. मीना एस. गोप के माता-पिता को जानता है, जो वर्तमान में गोवा में रहते हैं।

विनेश ने डा. मीना की मां से फोन पर बातचीत करने पर जब यह स्पष्ट हो गया कि उनकी बेटी छह वर्षों से न्यूजीलैंड में है।

इसके बाद उन्होंने डा. मीना से बात की तो उसने खुद को संबंधित अस्पताल का सचिव बताया। उसने बताया कि वह न सिर्फ वीजा बनवा देगी, बल्कि वहां खाने की व्यवस्था के अलावा महीने का एक लाख रुपये वेतन पर नौकरी लगा देगी।

उसने अस्पताल में निचले पद के लिए प्रति व्यक्ति चार लाख व ऊंचे पद के लिए आठ लाख व 12 लाख रुपये रिश्वत की मांग की।

इसके बाद कुल 14 लोगों ने अप्रैल 2023 से मई 2024 तक एक करोड़ 66 लाख रुपये आरोपितों को दे डाले।

ये रुपये उन्होंने रांची एयरपोर्ट पर विजय शर्मा नाम के व्यक्ति को डा. मीना से कांफ्रेंस काल पर बात करने के बाद लिफाफे में दिए।

इसके बाद उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही पैसा। अब जब उन्हें मालूम हुआ कि वे ठगे गये हैं, तो पहले डीजीपी के यहां आवेदन दिया। इसके बाद एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।

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