Ranchi Municipal Corporation Election
रांची। रांची नगर निगम चुनाव को लेकर नामांकन के अंतिम दिन से पहले शहर का चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बुधवार, 4 फरवरी को नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। अब तक मेयर पद के लिए कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल कर दिया है, जबकि पार्षद पद के लिए 197 नामांकन पत्र भरे जा चुके हैं।
मंगलवार को नामांकन के दौरान समाहरणालय परिसर में भारी भीड़ देखने को मिली। प्रत्याशी समर्थकों के साथ जुलूस और शक्ति प्रदर्शन करते हुए पहुंचे, जिससे कचहरी रोड और आसपास के इलाकों में जाम की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ प्रत्याशियों ने सादगी के साथ भी नामांकन किया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। समाहरणालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और प्रवेश पास की व्यवस्था लागू की गई। कुछ समय के लिए ए और बी ब्लॉक के मुख्य द्वार पर अव्यवस्था जरूर हुई, लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात जल्द नियंत्रित कर लिए गए।
महिलाओं और युवाओं की बढ़ी भागीदारी
इस बार नगर निकाय चुनाव में महिलाओं और युवाओं की मजबूत भागीदारी देखने को मिली है। पार्षद पद के लिए दाखिल 197 नामांकनों में 118 महिलाएं शामिल हैं। वहीं वार्ड सदस्य पद के लिए 25 नामांकन हुए हैं, जिनमें 12 महिला प्रत्याशी हैं। इससे स्थानीय राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भूमिका साफ झलकती है।
मेयर पद के प्रमुख उम्मीदवार
मेयर पद के लिए झारखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और पूर्व मेयर रमा खलखो ने नामांकन दाखिल किया। उनके साथ मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय और बंधु तिर्की मौजूद रहे। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी संजय टोप्पो ने भी मेयर पद के लिए पर्चा भरा। वहीं बुंडू नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए तीन नामांकन दाखिल किए गए हैं।
चुनावी खर्च पर सख्ती
प्रशासन ने चुनावी खर्चों पर कड़ी निगरानी की तैयारी पूरी कर ली है। व्यय अनुश्रवण कोषांग का गठन किया गया है और उम्मीदवारों को खर्च का हिसाब रखने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। खर्च के लेखा-जोखा की जांच तीन चरणों में 12, 16 और 20 फरवरी को की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण
नगर निगम चुनाव के लिए मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण में लगभग 80% उपस्थिति दर्ज की गई। अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।










