महाकुंभ में क्यों उमड़ा आस्था का सैलाब [Why was there a flood of faith in Mahakumbh?]

IDTV Indradhanush
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रांची। 144 साल बाद लगे महाकुंभ का आज समापन हो रहा है। आज भी यहां आस्था का सैलाब उमड़ा है। महाशिवरात्रि पर 11 बजे तक एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि आज करीब तीन करोड़ लोग संगम स्नान कर लेंगे। बीते मंगलवार को भी डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम स्नान किया। 12 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 63 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। इस प्रकार यह महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धर्मिक आयोजन बन गया है। सारी दुनिया इसे हैरानी से देख रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की प्रबंधन कुशलता की दाद भी दे रही है।

इन सबके बीच बड़ा सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में आस्था का सैलाब क्यों उमड़ा। पूरी दुनिया इसका जवाब तलाश रही है।

144 साल बाद लगा महाकुंभः

हमने भी इसके कुछ कारणों पर गौर करने की कोशिश की। सबसे पहला और बड़ा कारण जो निकल कर आया वो है 144 साल। 144 साल ये वो ऐसा अंक, जिसने लोगों को समझाया कि उनके जीवन में यह पल दुबारा नहीं आनेवाला। सिर्फ उनके जीवन में ही नहीं, बल्कि उनकी अगली पीढ़ी को भी ये मौका नहीं मिलनेवाला है। इसने लोगों को सबसे ज्यादा प्रेरित किया प्रयागराज आने के लिए।

पुण्य और मोक्षः

सब ओर यही सुनाई दे रहा था कि श्रद्धालु यहां मोक्ष प्राप्ति के लिए पहुंच रहे हैं। साथ ही संगम स्नान से पुण्य भी कमायेंगे। संगम स्नान से पाप तो धुलेंगे ही, मोक्ष से अगला जन्म भी संवर जायेगा।

सोशल मीडिया ईफेक्टः

महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया का जबरदस्त ईफेक्ट देखने को मिला। जिधर देखो, उधर ही महाकुंभ की चर्चा और बातें। हर पल महाकुंभ मेले की शानदार तस्वीरें और वीडियो पोस्ट की जाती रहीं। मेले की भीड़ और इसके आंकड़े लोगों को आकर्षित करते रहे। हर चैनल और पेज पर सिर्फ महाकुंभ की खबरें। शानदार व्यवस्था के कसीदे भी गढ़े जा रहे थे। कुल मिला कर सोशल मीडिया ने लोगों के मन-मस्तिष्क पर जमकर प्रभाव डाला। हर व्यक्ति ऐसा व्याकुल रहा मानो यदि संगम स्नान नहीं किया, तो जीवन अधूरा रह जायेगा।

व्यवस्था का आकर्षणः

महाकुंभ मेले का आयोजन और यहां कि शानदार व्यवस्था भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। आये दिन विभिन्न टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर व्यवस्था का गुणगान होता रहा। विशाल टेंट सिटी और शानदार लाइट लोगों को लुभाते रहे। संगम में उमड़नेवाली भीड़ और हर-हर गंगा के जयकारे श्रद्धालुओं को यहां खींचते रहे। कुल मिलाकर यहां की व्यवस्था माहौल को पूरे 45 दिनों तक अलौकिक बनाती रही। ये कुछ ऐसे प्रमुख कारण हैं, जिन्होंने लोगों की भीड़ खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बहरहाल महाकुंभ अब संपन्न हो रहा है और लोगों की भीड़ ने रिकार्ड बना दिया है, जिससे पूरी दुनिया हतप्रभ है।

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