आने वाले 25 वर्ष को ध्यान में रखकर हमें आगे बढ़ना है : हेमंत सोरेन [We have to move forward keeping the next 25 years in mind: Hemant Soren]

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रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पर्व-त्योहारों से हमारी परंपरा, सभ्यता-संस्कृति और आस्था जुड़ी है। इससे जीवन में उमंग, उत्साह तथा उल्लास का संचार होता है। इसी कड़ी में हम सालों-साल से परंपरानुसार सरहुल पर्व मनाते आ रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने इस प्रकति पर्व की परंपराओं को अक्षुण्ण एवं मजबूती दी है।

हमें विरासत में मिली इस परंपरा को और आगे ले जाना है। सीएम हेमंत सोरेन मंगलवार को आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर करमटोली में आयोजित सरहुल पूजा महोत्सव के मौके पर छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। सीएम हेमंत सोरेन ने यहां पारंपरिक विधि विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य के विकास, सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने परिसर में सखुआ का पौधा लगाकर प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य वासियों को सरहुल महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि झारखंड के बेहतर भविष्य के लिए आने वाले 25 वर्षों को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना है। आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में हर वर्ष धूमधाम से सरहुल का त्योहार मनाया जाता है।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुझे यहां आयोजित सरहुल महोत्सव में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां आकर आप सभी के साथ खुशियों को बांटने का मौका मिल रहा है।

परंपराओं को लेकर आगे बढ़ने का लेते हैं संकल्प

सीएम हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि यहां हम प्रकृति को संरक्षित रखने और अपनी परंपराओं को लेकर आगे बढ़ने का एक संकल्प लेते हैं। हमारा संकल्प पूरा हो, इस दिशा में हमें सदैव प्रयास करते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारी जिंदगी काफी व्यस्त हो चुकी है। लोगों के पास वक़्त कम है, फिर भी विरासत में मिली अपनी परंपरा एवं सभ्यता-संस्कृति से जुड़े रहने के लिए वक़्त जरूर निकालें। यह हमारी आने वाली पीढ़ी की बेहतरी के लिए जरूरी है। इससे आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और पर्व-त्योहारों का जश्न मिलकर मनाने की अलग ही खुशी मिलती है।

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