Rajrappa temple incident
रामगढ़। रामगढ़ स्थित रजरप्पा के मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। इस घटना को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मंदिर में पूजा करने आए श्रद्धालुओं पर इस तरह का बर्बर लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सीधे-सीधे हिंदुओं की आस्था पर चोट है और किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
छह साल से धार्मिक कार्यक्रमों में बाधा का आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से राज्य में हिंदू त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों में पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार बाधा पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरहुल की शोभायात्रा में भी पुलिस ने हस्तक्षेप किया था। इसके अलावा दशहरा, रामनवमी और महाशिवरात्रि जैसे त्योहारों में भी प्रशासन की ओर से कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए। उन्होंने कहा कि कभी मूर्ति का आकार छोटा करने, कभी झंडे का आकार घटाने और कभी शोभायात्रा का रास्ता बदलने जैसे फैसले हिंदू परंपराओं के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।
महिलाओं पर भी बरसी लाठियां
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रजरप्पा की घटना में महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोयला, बालू और पत्थर की चोरी करने वाले लोग खुलेआम सक्रिय रहते हैं, तब उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रोफेसर सुभाष चंद्र मिश्र के निधन पर शोक
इसी दौरान आदित्य साहू ने पलामू के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रोफेसर सुभाष चंद्र मिश्र के निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मिश्र बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। साहू ने बताया कि प्रोफेसर मिश्र लंबे समय तक संघ परिवार के विभिन्न संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। संयुक्त बिहार के समय उन्होंने पलामू में भाजपा के जिला महामंत्री के रूप में भी संगठन की सेवा की थी। उनके निधन से समाज और संगठन दोनों को बड़ी क्षति हुई है।








