Deepika Pandey Singh
रांची। बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के बजट पर विस्तृत चर्चा हुई। पक्ष और विपक्ष की बहस के बाद बजट प्रस्ताव पारित कर दिया गया, हालांकि मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने सदन से वाकआउट किया। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि इस बजट में कोई नई योजना नहीं है, लेकिन पुरानी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर रहेगा।
अबुआ आवास योजना में तेजी
मंत्री ने बताया कि सरकार ने अबुआ आवास योजना को गति देने के लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 6.30 लाख स्वीकृत आवासों में से 1.90 लाख पूरे हो चुके हैं और इस वित्तीय वर्ष में शेष योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराना और ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारना है।
ग्रामसभा को मिलेगा अधिक अधिकार
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। पंचायत स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पेसा नियमावली लागू होने से ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार मिले हैं, जिससे विकास योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा।
विधायक निधि और ग्रामीण विकास
विधायकों की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि विधायक निधि की राशि जल्द जारी की जाएगी। साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में 15 किलोमीटर ग्रामीण सड़क और 10 करोड़ रुपये की लागत से पुल-पुलिया निर्माण का निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
विपक्ष और सरकार की चर्चा
विपक्षी विधायकों के वाकआउट पर मंत्री ने कहा कि यदि सभी दल साथ मिलकर काम करें तो राज्य के विकास की गति और तेज होगी। उन्होंने डुमरी विधायक की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। सरकार का फोकस योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर रहेगा।बजट सत्र में हुए फैसलों से यह संकेत मिला है कि सरकार ग्रामीण विकास और आवास योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की उम्मीद है।








