Chandra grahan 2026: होली से पहले चंद्र ग्रहण का साया, जानिए कब लगेगा सूतक और कब होगा समापन

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Chandra grahan 2026

रांची। फाल्गुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह आंशिक (खण्डग्रास) चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत समेत एशिया, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के कई हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण “ग्रस्तोदय” रूप में दिखेगा, यानी चंद्रोदय के समय चंद्रमा पहले से ही ग्रहणग्रस्त रहेगा।

सूतक काल कब से?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भारत में सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रभावी माना जाएगा। ग्रहण पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में लग रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस कारण होलिका दहन 2 मार्च को करना अधिक शुभ रहेगा।

ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
उपच्छाया प्रवेश: दोपहर 2:13 बजे
ग्रहण प्रारंभ: 3:20 बजे
पूर्णता प्रारंभ: 4:34 बजे
मध्य: 5:05 बजे
पूर्णता समाप्त: 5:33 बजे
मोक्ष (समापन): 6:48 बजे
उपच्छाया अंत: 7:55 बजे

कुल ग्रहण अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट की रहेगी, जबकि पूर्णता लगभग 59 मिनट की होगी। हालांकि भारत में चंद्रोदय के बाद ही ग्रहण दिखाई देगा, इसलिए यहां इसकी दृश्य अवधि सीमित रहेगी।

भारत में कहां कितनी देर दिखेगा ग्रहण?

  • दिल्ली में चंद्रोदय शाम 6:22 बजे होगा, जहां ग्रहण करीब 25 मिनट दिखाई देगा।
  • जयपुर में चंद्रोदय 6:29 बजे और दृश्य अवधि लगभग 18 मिनट रहेगी।
  • उदयपुर में यह करीब 8 मिनट तक दिखेगा।
  • पूर्वोत्तर राज्यों में ग्रहण की दृश्य अवधि लगभग 59 मिनट तक हो सकती है।

2026 में दो चंद्र ग्रहण

साल 2026 में कुल दो चंद्र ग्रहण लगेंगे, लेकिन भारत में केवल 3 मार्च का ग्रहण ही दिखाई देगा। 28 अगस्त को लगने वाला दूसरा चंद्र ग्रहण भारत से दृश्य नहीं होगा। होली से ठीक पहले लग रहा यह चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है।

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