झारखंड में जरूरत से आधी गैस सप्लाई, महज 1.5 लाख सिलेंडर आ रहे

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LPG supply reduced in Jharkhand

रांची। अमेरिका-ईरान की जंग ने रसोई का जायका बिगाड़ दिया है। झारखंड में रसोई गैस की जबरदस्त किल्लत हो गई है। राज्य में करीब 67.27 लाख रसोई गैस उपभोक्ता हैं। यहां रोज करीब तीन लाख सिलेंडर की मांग है। लेकिन, तेल कंपनियां मांग से आधे सिलेंडर की आपूर्ति कर रही हैं।

1000-1500 का बैकलॉग

रांची के गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार उनके यहां 1000-1500 का बैकलॉग चल रहा है। इस वजह से नई बुकिंग करने वालों को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। गैस की किल्लत का असर यह है कि हर गैस एजेंसी में सुबह से ही ग्राहकों की कतार लग रही है। लेकिन, दोपहर में वे निराश लौट रहे हैं। नई बुकिंग बंद है। उधर, कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति भी पूरी तरह से रोक दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित हो रहे हैं। टाटा स्टील जैसी कंपनी में 12 में से छह कैंटीन बंद कर दिए गए हैं, जो एलपीजी से चलती थी। साथ ही मेन्यु से रोटी गायब हो गई है।

गैस से संबंधित शिकायत हो तो 9430328080 पर फोन करे

रांची जिले में गैस से संबंधित किसी भी तरह की शिकायत के लिए अबुआ साथी हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। लोग गैस से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए मोबाइल नंबर 9430328080 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

गैस एजेंसी व तेल कंपनियों को डीसी ने चेताया

गैस की कालाबाजारी की खबर भी फैल रही है। इसे लेकर रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने गैस एजेंसी संचालकों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि गैस की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं होगी। सभी उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस सामान्य तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ओल्ड एज होम, अनाथालय, हॉस्टल, मिड-डे मील, जेल आदि में गैस की आपूति बहाल करने को कहा। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी बनेगी।

सीएम ने गैस संकट पर केंद्र पर निशाना साधा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गैस की किल्लत पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा-आमतौर पर ऐसी स्थिति आने से पहले लोगों को इसकी जानकारी मिल जाती है। लेकिन, इस मामले में घटना होने के बाद लोगों को जानकारी मिलती है, जो अजीब है। देखना होगा कि देश के गरीब लोगों को और क्या-क्या दिखाया जाएगा।

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