Jharkhand Municipal Election:
रांची। झारखंड के कई नगर निकायों में अव्यवस्थाओं और छिटपुट हिंसा के बीच मतदान संपन्न हो गया। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को मिलाकर औसतन 62% मतदान दर्ज किया गया। हालांकि, राजधानी रांची में सबसे कम 43.35% वोटिंग हुई, जो चिंता का विषय बन गई है। मतदान के दौरान सबसे बड़ी समस्या बूथ परिवर्तन और मतदाता सूची में गलतियां रही। कई मतदाताओं का नाम सूची में नहीं मिला, जबकि कुछ के नाम मौजूद होने के बावजूद वार्ड नंबर में गड़बड़ी पाई गई। इन कारणों से बड़ी संख्या में लोग मतदान से वंचित रह गए। अनुमान है कि लगभग 10 से 15 प्रतिशत मतदाता इन अव्यवस्थाओं के कारण वोट नहीं डाल सके।
बूथ परिवर्तन और मतदाता सूची में गड़बड़ी
जब इस अव्यवस्था को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त अलका तिवारी से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि रांची से बूथ परिवर्तन, पर्ची वितरण में गड़बड़ी और नाम गायब होने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने बताया कि इन चूकों के कारणों का पता लगाने के लिए रांची के उपायुक्त को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दे कई बूथ ऐसे भी रहे जहां सन्नाटा देखने को मिला। कारण कई मतदाताओं नाम नहीं मिलना।
अन्य जिलों में झड़प और विवाद
अन्य जिलों में भी तनावपूर्ण स्थिति रही। गिरिडीह के वार्ड 18 में प्रत्याशी समर्थकों के बीच झड़प के बाद पथराव और फायरिंग की घटना में दो लोग घायल हो गए। धनबाद के झरिया और चासनाला क्षेत्रों में मारपीट की घटनाएं सामने आईं। चास के वार्ड 32 में हंगामे के दौरान एसडीपीओ प्रवीण सिंह पर हमला हुआ।जमशेदपुर के जुगसलाई और मानगो क्षेत्रों में बोगस मतदान के आरोपों को लेकर हंगामा हुआ और एक मतदान केंद्र पर लगभग एक घंटे तक प्रक्रिया बाधित रही। कोडरमा के झुमरी तिलैया में मतपेटी की सीलिंग को लेकर विवाद हुआ।पर्ची वितरण में लापरवाही को लेकर मतदाताओं में व्यापक नाराजगी देखी गई। अब सभी की निगाहें 27 फरवरी को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं।







