Vedic Almanac
दिनांक – 27 फरवरी 2026
दिन – शुक्रवार
विक्रम संवत 2082
शक संवत -1947
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वसंत ॠतु
मास – फाल्गुन
पक्ष – शुक्ल
तिथि – एकादशी रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात द्वादशी
नक्षत्र – आर्द्रा सुबह 10:48 तक तत्पश्चात पुनर्वसु
योग – आयुष्मान शाम 07:44 तक तत्पश्चात सौभाग्य
राहुकाल – सुबह 11:24 से दोपहर 12:52 तक
सूर्योदय – 06:02
सूर्यास्त – 05:40
दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
व्रत पर्व विवरण- आमलकी एकादशी
विशेष – *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।
जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।
आमलकी एकादशी
27 फरवरी को आमलकी एकादशी (व्रत करके आँवले के वृक्ष के पास रात्रि-जागरण, उसकी १०८ या २८ परिक्रमा करने से सब पापों का नाश व १००० गोदान का फल )






